मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पुलिस के खुलासे ने सबको चौंका दिया है। हमले के मास्टरमाइंड्स का दायरा सिर्फ टाइगर श्रॉफ तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने टाइगर को निशाना बनाने से पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं की भी पूरी रेकी की थी। इन बड़े स्टार्स की कड़ी सुरक्षा और परिंदे को भी पर न मारने देने वाले इंतज़ाम देखकर आरोपियों के पसीने छूट गए और उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को दो महिलाओं समेत चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक है कि इन लोगों ने कथित तौर पर शूटरों तक हथियार पहुंचाने में मदद की थी। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या सात हो गई है। पुलिस अब हमले की साजिश, हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के आपसी संपर्कों की जांच कर रही है। जांच में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित की भूमिका भी सामने आई है।

अमिताभ, सलमान, आमिर और अक्षय की भी की थी रेकी

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को करीब एक महीने पहले मुंबई भेजा गया था। जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ा सुराग लगा है। इसके मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर शूटरों को किसी बड़े फिल्मी सितारे को अपना निशाना बनाने का टास्क दिया था। इसके बाद शूटरों ने अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे दिग्गज एक्टर्स के ठिकानों की रेकी की और वहां की हर हरकत के वीडियो बनाकर अनिल पंडित को भेजे भी। इन दिग्गज सितारों के आस-पास तगड़ी सिक्योरिटी का पहरा देखकर बदमाशों की हिम्मत जवाब दे गई और उन्हें मजबूरन अपना प्लान बदलना पड़ा। इसके बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ को अपना निशाना बनाने की ठान ली।पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जानकारी मिली थी कि टाइगर हर रविवार शाम फुटबॉल खेलने आते हैं। उन्होंने इंटरनेट के जरिए अभिनेता की दिनचर्या से जुड़ी जानकारी जुटाई और करीब सात दिन तक रेकी की। आरोपियों की योजना कथित तौर पर सेल्फी लेने के बहाने टाइगर की कार के करीब पहुंचने की थी। पार्क के बाहर भीड़ होने के कारण उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।

हमले से एक रात पहले होटल से भाग गया था चौथा युवक

जांच में एक बड़ा ही दिलचस्प मोड़ सामने आया है! इस कथित हमले की साज़िश में सिर्फ तीन शूटर ही नहीं, बल्कि एक चौथा शख्स भी शामिल था। पर कहानी में ट्विस्ट तब आया जब हमले से ठीक एक रात पहले, वह चौथा युवक 'सिगरेट पीने जा रहा हूँ' कहकर होटल से बाहर निकला और फिर ऐसा गायब हुआ कि कभी वापस ही नहीं लौटा। पुलिस इस युवक की भूमिका और उसके फरार होने के पीछे की वजह की जांच कर रही है। इन सभी खुलासों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के आगे बढ़ने के बाद ही साफ़ हो पाएगा।

कुणाल, सुमित, राधा और बबीता गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) को गिरफ्तार किया है। कुणाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित पर हथियारों का इंतजाम करने का आरोप है। वहीं, राधा और बबीता के जरिए कथित तौर पर हथियार शूटरों तक पहुंचाए गए। चारों को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई पुलिस की सीआईडी टीम ने उनसे पूछताछ और गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आगे की पूछताछ और जांच के लिए पुलिस को उनकी तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिल गई, जिससे उन्हें मुंबई ले जाया जा सके।

अमृतसर से ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाए गए हथियार

जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुणाल कथित तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि पंडित के निर्देश पर कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस का इंतजाम किया था। इसके बाद राधा और बबीता को हथियार लेकर ट्रेन से मुंबई भेजा गया। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं मुंबई पहुंचने के बाद एक होटल में रुकी थीं। बाद में एक नाबालिग लड़के ने उनसे हथियार वाला बैग ले लिया। गोलीबारी की घटना के बाद राधा और बबीता ट्रेन से दिल्ली लौट रही थीं। इसी दौरान 20 अक्टूबर को उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार आखिर किसके पास पहुंचे, उन्हें आगे किसने इस्तेमाल के लिए दिया और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।

टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग

बात 18 अक्टूबर की शाम की है, जब मुंबई के पॉश इलाके जुहू में टाइगर श्रॉफ पर अचानक जानलेवा हमला हो गया। तीन बाइक सवार बदमाश धड़धड़ाते हुए आए और उनकी चलती कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। बताया जा रहा है कि यह वाकया उस वक्त हुआ, जब टाइगर फुटबॉल मैच खेलकर वापस लौट रहे थे। घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर के घायल होने की खबर सामने आई थी। बताया गया था कि टाइगर खुद ड्राइवर को अस्पताल लेकर गए। इस केस में पुलिस को शुरुआती सफलता तब मिली जब राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों—बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान व फूल सिंह को दबोचा गया। इसके बाद पुलिस का शिकंजा कसता गया और दिल्ली व हरियाणा से चार और आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। अब पुलिस इन सभी गिरफ्तारियों को एक-दूसरे से जोड़कर पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस हमले की कथित साजिश, हथियारों की व्यवस्था और आरोपियों के बीच संपर्कों पर है। साथ ही, अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

मंत्री आशीष शेलार से मिले टाइगर, तस्वीरों में दिखा सुधार

फायरिंग की घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में टाइगर श्रॉफ के दाहिने हाथ और सीने पर पट्टियां दिखाई दी थीं। मंगलवार को मंत्री आशीष शेलार के साथ मुलाकात की तस्वीरों में अभिनेता बिना पट्टियों के नजर आए। इससे उनकी हालत में सुधार के संकेत मिले हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए हमले से जुड़े बाकी तथ्यों का पता लगाने की कोशिश जारी है। आरोपियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।