Mamata Banerjee Latest Statement : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर देर रात संदिग्ध हमले की घटना सामने आई। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज यानी 07 नवंबर 2026 को BJP और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। ममता ने दावा किया कि हमला पूर्व नियोजित था विपक्षी गठबंधन इंडिया का मजबूती से समर्थन करने के चलते उनकी पार्टी को राजनीतिक विद्वेष के तहत निशाना बनाया जा रहा है।

"हिम्मत है तो हमारे शरीर पर बुलडोजर चलाओ"

आधी रात को कथित हमले की सूचना मिलते ममता बनर्जी तुरंत अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचीं। वहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली और डराने-धमकाने की इन हिंसक वारदातों के खिलाफ वह खामोश नहीं बैठेंगी। वह जल्द Supreme Court का दरवाजा खटखटाएंगी। ममता बनर्जी ने कहा, देर रात दो या तीन बजे भाजपा के गुंडे पुलिस की शह पर लोगों के घरों पर हमले कर रहे। आखिर आधी रात को गुंडों को साथ लाकर इस तरह का तांडव क्यों मचाया जा रहा? उन्होंने कहा कि आपमें बुलडोजर चलाने की हिम्मत है तो आकर हमारे शरीर पर बुलडोजर चला दो, हम ऐसी धमकियों से बिल्कुल डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने भाजपा विरोधी समर्थकों और खासकर महिलाओं से एकजुट होकर इस कथित उत्पीड़न के खिलाफ सड़क पर उतरने की अपील की।

काली पूजा और दिवाली की तैयारियों में बाधा डालने का आरोप

ममता बनर्जी ने सिर्फ हमले तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके कालीघाट स्थित आवास और पाटुआपाड़ा इलाके को जाने वाली मुख्य गली को बैरिकेड्स लगाकर जबरन ब्लॉक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत मनमाने ढंग से निषेधाज्ञा लागू करके आम लोगों को उनके रोजमर्रा के कामों से रोका जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि कालीघाट क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के पीछे राजनीतिक मंशा है, ताकि काली पूजा और दिवाली जैसे पावन त्योहारों के आयोजनों एवं तैयारियों में जानबूझकर बाधा डाली जा सके। उन्होंने भाजपा पर सत्ता, धनबल और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने का आरोप लगाया और पुलिस प्रशासन से निष्पक्षता से काम करने की अपील की।

पुलिस को चेतावनी और CCTV फुटेज का सच

पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपने अधिकारों की संवैधानिक सीमा न लांघने की सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह पुलिस अधिकारियों पर केंद्र और उच्च अधिकारियों के पड़ने वाले राजनीतिक दबाव को अच्छी तरह समझती हैं। लेकिन यदि प्रशासनिक तंत्र पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाएगा तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी। इससे पहले स्वयं अभिषेक बनर्जी ने भी घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगातार दो दिनों तक उनके घर के आसपास रेकी की और फिर देर रात 2 बजे उनके घर पर हमला बोल दिया। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी साझा किया और आरोप लगाया कि इस हमले में सीधे तौर पर भाजपा समर्थित लोग शामिल थे।