EPF New Rules : कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत तय सैलरी लिमिट को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की तैयारी में है। यह फैसला लागू होता है तो देशभर के 51 लाख नौकरी-पेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस बदलाव का सीधा असर आपके हर महीने कटने वाले पीएफ के साथ रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन पर भी देखने को मिलेगा।
सैलरी लिमिट बढ़ने से आपकी पेंशन पर कितना असर पड़ेगा?
आपकी बेसिक सैलरी 25 हजार रुपये या उससे ज्यादा है तो जाहिर है आप जानना चाहते होंगे कि पेंशन में कितना इजाफा हो सकता है। इसे समझने के लिए ईपीएस वाली पेंशन का हिसाब जानना आवश्यक है।
ईपीएस में मिलने वाली मासिक पेंशन 2 बातों पर तय होती है:-
पेंशन योग्य सैलरी : वह वेतन, जो पेंशन निर्धारित करने का आधार है।
पेंशन योग्य सेवा : नौकरी के वह साल, जिस दौरान आपने इस योजना में अपना योगदान दिया है।
ध्यान रखें: मौजूदा नियमों के मुताबिक कोई कर्मचारी 20 साल या उससे ज्यादा समय तक लगातार सर्विस में रहता है तो उसे 2 साल का बोनस भी दिया जाता है।
PF और EPS में योगदान का गणित क्या?
बेसिक सैलरी एवं महंगाई भत्ते (DA) का 12% हिस्सा EPF खाते में जाता है। 12% योगदान कंपनी भी करती है।
कंपनी के इस 12% योगदान में से:
- 8.33% हिस्सा EPS में जाता है।
- 3.67% हिस्सा EPF में इकट्ठा होता है।
(वैसे, पूरा कैलकुलेशन इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय सरकार की ओर से कौन सी वेज लिमिट लागू है।)
25 साल की नौकरी पर कितना फायदा?
मान लीजिए कि आपकी बेसिक सैलरी 25 हजार रुपये है। आपने कुल 25 साल नौकरी की है। 20 साल से ज्यादा सर्विस होने के कारण आपको 2 साल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इससे आपकी पेंशन योग्य सेवा 27 साल हो जाएगी।
पुरानी सीमा (15 हजार रुपये) के हिसाब से:
पेंशन योग्य वेतन 15 हजार रुपये माना जाए तो फॉर्मूले के अनुसार आपकी मासिक पेंशन 5786 रुपये बनेगी।
नियम बदलने के बाद (25 हजार रुपये limit): नई वेज लिमिट 25 हजार रुपये लागू हो जाती है तो इसी सर्विस पीरियड के आधार पर आपकी पेंशन 9643 रुपये हो जाएगी। इस बदलाव से हर महीने आपकी पेंशन में 3857 रुपये की बढ़ोतरी होगी। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो यह पेंशन में लगभग 66.7% तक का बड़ा उछाल है।
कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह
यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि केवल आपकी बेसिक सैलरी 25 हजार रुपये होने भर से आपकी पेंशन अपने आप नहीं बढ़ जाएगी। पेंशन में बढ़ोतरी का असली लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार इसे किन शर्तों और नियमों के साथ लागू करती है, इसलिए हर कर्मचारी को अपनी सैलरी स्लिप की जांच करनी चाहिए। EPFO पोर्टल पर जाकर अपने पीएफ पासबुक और ईपीएस में जमा हो रही राशि को ट्रैक करना चाहिए। आधिकारिक दिशा-निर्देश आने तक केवल अनुमानों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी वास्तविक पात्रता के हिसाब से ही रिटायरमेंट प्लानिंग करनी चाहिए।