अगर किसी को कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर रैबीज़ के इंजेक्शन लगवाया है या लगवाने की ज़रूरत हो तो सावधान हो जाइए। दिल्ली के मुखर्जी नगर में Abhayrab वैक्सीन की नकली खेप बरामद हुई है। भारत के ड्रग कंट्रोलर ने इस बैच की वैक्सीन को लेकर राज्यों औऱ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलर्ट जारी किया है।
कैसे हुआ खुलासा
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और ड्रग इंस्पेक्टर्स के एक संयुक्त अभियान के तहत उत्तरी दिल्ली (मुखर्जी नगर) के एक गैर-लाइसेंस प्राप्त रिहाइशी फ्लैट पर छापा मारा गया। इस छापे में संदिग्ध वैक्सीन की शीशियां (Vials) जब्त की गईं । पुलिस ने मामला दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
वैक्सीन को लेकर देश भर में अलर्ट जारी
DCGI यानि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडियाने सभी राज्यों औऱ केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स को पत्र जारी कर 'बैच नंबर KE25012' और KA24014 की बिक्री और आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
नकली होने का पता कैसे चला
हिमाचल प्रदेश में कसौली स्थित सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (CDL) में जब ज़ब्त किए गए नमूनों की जांच की गई, तो इसकी प्रभावशीलता के लिए किए गए पोटेंसी टेस्ट में फेल साबित हुए। यानी इन नकली टीकों में रेबीज जैसे जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीजन नहीं थे।
वैक्सीन के स्टोरेज के लिए 2°C से 8°C का तापमान जरूरी होता है, लेकिन जब सैंपल जब्त किए गए तो वे कमरे के तापमान पर रखे पाए गए।
फार्मासिटिकल कंपनी की सफाई
अभयरैब बनाने वाली कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई शीशियां उनकी फैक्ट्री की बनी हुई नहीं हैं। आईआईएल ने 17 बड़े अंतर की पहचान करते हुए दावा किया है कि यह नकली दवाई के कारोबारियों ने यह वैक्सीन बाजार में उतारी है। वहीं नकली वैक्सीन की पैकिंग में गलतियां पकड़ी गई हैं। लैब रिपोर्ट के मुताबिक असली और नकली शीशियों में 17 अंतर थे— जैसे कि कैप का रंग (हरा की जगह नीला), गलत QR कोड, लोगो और फोंट का अंतर, और वैज्ञानिक 'लुई पाश्चर' की स्पेलिंग में गलती ('L. Pasteur' की जगह 'L. Posteur' लिखा हुआ था।
ऐसे में अगर किसी ने हाल ही में Abhayrab रैबीज़ का इंजेक्शन लगवाया है। औऱ बैच को लेकर संदेह है तो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही कंपनी ने ये भी सलाह दी है कि सरकारी अस्पतालों, क्लीनिकों और रजिस्टर्ड मेडिकल स्टोर के जरिए बांटी जाने वाली असली वैक्सीन खरीदना पूरी तरह सुरक्षित और प्रामाणिक है।