Attack On Cargo Ship : पश्चिम एशिया के समुद्रों में तनाव का पारा फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक बहुत बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने नाकेबंदी को जबरन तोड़ने की कोशिश कर रहे एक कमर्शियल मालवाहक जहाज पर ताबड़तोड़ बम बरसाए हैं। एयरस्ट्राइक करके इस जहाज को बीच समंदर में ही पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक यह कार्गो शिप लगातार चेतावनियों को हवा में उड़ा रहा था और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए आगे बढ़ रहा था।
ईरान के बंदरगाह से निकलकर कर रहा था नाकेबंदी पार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया शनिवार को सामने आया जब अमेरिकी सेना ने 7 नवंबर को इस सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। ईरान के एक तटीय बंदरगाह पर रुकने के बाद इस मालवाहक जहाज ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र (Regional Waters) से बाहर निकलने की हिमाकत की थी। अमेरिकी सैन्य विमानों ने सेंट किट्स के झंडे तले चल रहे कमर्शियल कार्गो शिप M/V Huda को अपना मुख्य निशाना बनाया। एयरस्ट्राइक के जरिए इस जहाज के पिछले हिस्से यानी स्टर्न पर बेहद सटीक निशाना साधा गया। इस हमले का मुख्य मकसद जहाज को आगे बढ़ने से पूरी तरह असहाय और लाचार करना था।
क्रू मेंबर्स को दी गई थी चेतावनी, फिर भी नहीं माने
इस सैन्य कार्रवाई से पहले अमेरिकी सेना की ओर से पूरी मानवीय सावधानी बरती गई। सेना ने बताया कि हमले से ठीक पहले जहाज पर मौजूद नागरिक चालक दल को बार-बार निर्देश दिए गए थे कि वे तुरंत उन हिस्सों से हट जाएं जिन्हें निशाना बनाया जाने वाला है, ताकि किसी की जान को कोई नुकसान न पहुंचे। इसके बावजूद जिद्दी जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और बार-बार नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन करने की जिद पकड़े रखी। इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने क्षेत्र के सभी समुद्री ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी जारी की है। सेना ने साफ कह दिया है कि ईरान के तटीय इलाकों और आसपास के संवेदनशील समुद्री रास्तों से गुजरते वक्त सभी जहाजों को अमेरिकी सेना के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करना होगा।
अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा: 147 जहाज रोके, 5 किए तबाह
CENTCOM के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई महीने से ओमान की खाड़ी और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी लागू करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अमेरिकी सेना ने अपनी पकड़ बेहद मजबूत रखी है। अब तक कुल 147 व्यावसायिक मालवाहक जहाजों को रोककर उनका रूट डायवर्ट कराया जा चुका है। जिन कमर्शियल जहाजों ने रुकने या आदेश मानने से साफ इनकार कर दिया, उनमें से कुल 5 जहाजों को अमेरिकी सेना ने निष्क्रिय कर दिया है। CENTCOM ने यह भी दावा किया है कि उसने ईरान के 10 बड़े कमर्शियल ऑयल टैंकरों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। अमेरिकी सेना का मानना है कि ये टैंकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उस बहु-अरब डॉलर के खतरनाक समुद्री नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसके जरिए अवैध गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
ईरान की हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए नई टास्क फोर्स
अमेरिका ने ईरान की कमर तोड़ने के लिए एक और बड़ा कूटनीतिक और सैन्य कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कथित जमीनी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को पूरी तरह बाधित करने के उद्देश्य से नई टास्क फोर्स बनाने का आधिकारिक ऐलान किया है। इस फोर्स का मुख्य और एकमात्र लक्ष्य ईरान तक आधुनिक एवं उन्नत हथियारों, दोहरे इस्तेमाल वाली संवेदनशील तकनीकों और प्रतिबंधित सामग्रियों की हर तरह की आपूर्ति को रोकना है। इस कड़े कदम के जरिए अमेरिका, ईरान के सैन्य सप्लाई नेटवर्क पर दबाव को और अधिक तेज करना चाहता है।
ओमान तट के पास पहले भी हो चुका है बड़ा हमला
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में इस तरह की हिंसा भड़की हो। इससे पहले इसी साल अक्टूबर के महीने में ओमान के तट के करीब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे पनामा के झंडे वाले एक अन्य कमर्शियल जहाज MT On Peace पर एक खतरनाक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। उस खौफनाक हमले में जहाज पर सवार कुल 12 क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें से 11 लोग अकेले भारतीय मूल के थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने उस समय इस घटना पर अपनी आधिकारिक चिंता जताई थी। ताजा घटना ने फिर से इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर बहुत बड़े और गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।