Amit Shah Lucknow Visit News : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य कार्यसमिति में आगामी चुनावों का बिगुल फूंका। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने का समय आ गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि बीजेपी के असली मालिक हमारे कार्यकर्ता हैं। उन्हें मेरा प्रणाम एवं राम-राम।
30 अक्टूबर का ऐतिहासिक संदर्भ और विपक्षी दलों पर तीखा हमला
30 अक्टूबर की तारीख का विशेष महत्व बताते हुए शाह ने कहा कि यूपी के इतिहास में इस दिन का बहुत बड़ा योगदान है। आज ही के दिन 1990 में अयोध्या में निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। विपक्ष पर हमला बोलते हुए गृह मंत्री ने सवाल दागा कि रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले किस मुंह से फिर सरकार बनाने की बात करते हैं? विपक्षी दलों ने जहां रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वहीं बीजेपी सरकार ने भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाया है। जनता विपक्ष की तीसरी पीढ़ी को भी इस कृत्य के लिए कभी माफ नहीं करेगी।
'कल्याण सिंह ने सरकार जाने की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को ढहाने का किया काम'
शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कल्याण सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सरकार जाने की तनिक भी चिंता किए बिना विवादित ढांचे को ढहाने का काम किया था। उन्होंने दावा किया कि यूपी में बीजेपी सरकार अंगद का पैर बन चुकी है, जिसे कोई भी डिगा या हटा नहीं सकता। राज्य में फिर बीजेपी की सरकार बनने जा रही और इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
वोट चोरी पर संसद में चर्चा के लिए तैयार: शाह
चुनावों में हार के बाद विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा कि मैच हारने के बाद अब अंपायर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। वोट चोरी का अनर्गल आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी संसद में इस पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष चाहे तो संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, जहां सरकार एक-एक सवाल का मुकम्मल जवाब देने के लिए तत्पर है। उन्होंने विपक्ष से भागने के बजाय संसद के पटल पर चर्चा करने की बात कही।
'यूपी में दोबारा आए तो लागू होगा समान नागरिक संहिता (UCC)'
अपने पुराने संगठनात्मक अनुभवों का जिक्र करते हुए शाह ने बताया कि 2014 में हमारे पास केवल 44 विधायक थे और चारों तरफ निराशा का माहौल था। उस दौरान उन्होंने तहसील स्तर तक जाकर संगठन को मजबूत किया। नतीजा रहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 41% वोट हासिल कर 73 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले जब नोटबंदी हुई तो अखिलेश यादव को रातभर नींद नहीं आई थी, लेकिन बीजेपी ने 40 फीसदी वोट शेयर के साथ 312 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत पाई थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अब उसी पुराने प्रदर्शन को दोबारा दोहराने की घड़ी आ गई है। यूपी में तीसरी बार सरकार बनते ही यहां भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किया जाएगा।
2027 चुनाव को लेकर बीजेपी का बड़ा प्लान
यह बैठक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही। पार्टी अभी से संगठनात्मक खाका और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गई है। बैठक में प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व, जिलाध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच की समीक्षा की गई और आगामी चुनावों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए। राज्य कार्यसमिति की इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और बीजेपी संगठन के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।