उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या शनिवार को दसवें दीपोत्सव के भव्य आयोजन की साक्षी बनेगी। इस बार सरयू नदी के किनारे स्थित राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। दीपों की रोशनी से पूरी अयोध्या जगमगाएगी। इस खास मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में शामिल होंगे और उनकी आरती उतारेंगे। दीपोत्सव के दौरान उस ऐतिहासिक प्रसंग को जीवंत किया जाएगा, जब 14 साल का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। इस दृश्य को जीवंत करने के लिए पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर से राम, सीता और लक्ष्मण के आगमन का मंचन किया जाएगा। इसके बाद रामकथा पार्क में उनका स्वागत और राज्याभिषेक होगा।
56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख से ज्यादा दीप
इस वर्ष दीपोत्सव में 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद घाटों पर दीप सजाने का कार्य पूरा कर लिया है। दीपों में तेल और बाती डालने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। दीपोत्सव की शुरुआत सुबह नौ बजे से होगी। मुख्य आयोजन के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राम मंदिर में दीप प्रज्वलित करेंगे। इसके बाद राम की पैड़ी सहित सरयू के सभी 56 घाटों पर एक साथ दीप जलाए जाएंगे।
2100 ड्रोन दिखाएंगे रामायण के प्रसंग
इस बार दीपोत्सव में 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा। रामायण की कथाओं पर आधारित 21 आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी। साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली शोभायात्रा में पुष्पक विमान, रथ, घुड़सवार और रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया जाएगा। देश-विदेश के कलाकार रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। रामकथा पार्क के पास 220 टन बालू से तैयार विशाल राम दरबार की प्रतिकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
राम मंदिर परिसर में भी जलेंगे एक लाख दीप
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को दीपोत्सव के अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर और वहां स्थित अन्य मंदिरों में करीब एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए पूरे परिसर को पांच सेक्टरों में बांटकर लगभग 1500 मंदिर कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राम मंदिर को विशेष फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा। वहीं, धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए जा रहे हैं, जिनके जरिए रामायण के प्रसंगों और प्रकाश शो का प्रदर्शन किया जाएगा।
सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। वीवीआईपी मेहमानों के आवागमन के लिए 80 गोल्फ कार्ट, 10 ट्रैवलर और 20 एसी बसों की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं से निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करने, भीड़ में धक्का-मुक्की से बचने और दीप जलाते समय सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की है।