उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धनतेरस के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं हैं। सीएम ने राज्यवासियों से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अपील की है। सीएम ने कहा कि त्योहारों की खुशियों में उन हुनरमंद लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिनकी मेहनत और कला प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए लोगों से धनतेरस पर स्थानीय उत्पादों को खरीदने और उपहार के रूप में अपनाने का आग्रह किया। सीएम का कहना है कि इससे पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों के परिवारों को आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।

भदोही के कालीन से मैनपुरी की तारकशी तक का किया जिक्र

सीएम ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प की विशेष पहचान का उल्लेख किया। सीएम ने भदोही के कालीन, प्रयागराज के मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के लकड़ी से बने खिलौनों का जिक्र करते हुए कहा कि "ये उत्पाद प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान हैं।" सीएम के मुताबिक, इन कलाओं को कारीगर पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनी मेहनत और साधना से जीवित रखे हुए हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान उनके बनाए सामान को खरीदना उनकी कला के प्रति सम्मान जताने का एक सार्थक तरीका हो सकता है।

एक खरीदारी से मजबूत हो सकता है कारीगरों का परिवार

सीएम ने लोगों से अपील की कि धनतेरस पर खरीदारी करते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। सीएम ने कहा कि "किसी हुनरमंद कारीगर से की गई एक खरीदारी उसके परिवार के जीवन में स्वावलंबन और सम्मान का नया अवसर पैदा कर सकती है।" सीएम की यह अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान की भावना से भी जुड़ी है। इस पहल का उद्देश्य देश में बने उत्पादों, पारंपरिक उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देना है।

धनतेरस और धन्वंतरि जयंती की दी शुभकामनाएं

सीएम ने प्रदेशवासियों को धनतेरस और भगवान धन्वंतरि की जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने त्योहार को केवल खरीदारी और उत्सव तक सीमित न रखते हुए स्थानीय हुनर, परंपरा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का अवसर बनाने का संदेश दिया।