LPG Price Today October 25 : दिवाली का पावन पर्व हो और घरों में तरह-तरह के पकवानों की सरगर्मी न हो, ऐसा संभव ही नहीं है। हालांकि, त्योहारों के इस मौसम में रसोई का बढ़ता बजट आम परिवारों के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बन जाता है। यही वजह है कि हर कोई एलपीजी सिलेंडर की ताजा कीमतों पर नजर टिकाए बैठा है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिवाली पर घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई राहत मिलेगी या फिर व्यावसायिक (कमर्शियल) सिलेंडर के लगातार बढ़ते भाव होटल, रेस्तरां और आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे? हालिया आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942 बनी है। इसमें पिछले महीने की तुलना में कोई फेरबदल दर्ज नहीं किया गया है। दूसरी ओर 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹2810 हो गई है, जो बीते महीने के ₹2747.50 के मुकाबले महंगी है।

त्योहार से पहले एलपीजी दरों में क्या-क्या बदला?

पेट्रोलियम कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 को कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर 62.50 रुपए की बढ़त के साथ ₹2,810 के स्तर पर पहुंच गया। इसके ठीक उलट 14.2 किलो वाले घरेलू इस्तेमाल के सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया। फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को अक्टूबर में किसी नई महंगाई का सामना तो नहीं करना पड़ा है, लेकिन होटल, ढाबों और कैटरिंग का कारोबार करने वाले व्यवसायियों का खर्च काफी बढ़ गया है। इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। त्योहार के मौके पर बाजार में मिठाइयों, पकवानों और बाहर खाने-पीने की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे कमर्शियल गैस के बढ़े दाम कारोबारियों के लिए बेहद अहम हो जाते हैं। हालांकि, दिवाली से पहले घरेलू सिलेंडर सस्ता या महंगा होने को लेकर नई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में घरेलू LPG के दाम

(14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की दरें, 25 अक्टूबर 2026 के अनुसार):

दिल्ली : ₹942.00

मुंबई : ₹941.50

कोलकाता : ₹968.00

चेन्नई : ₹957.50

गुरुग्राम : ₹950.50

नोएडा : ₹939.50

बेंगलुरु : ₹944.50

हैदराबाद : ₹994.00

लखनऊ : ₹979.50

जयपुर : ₹945.50

पटना : ₹1,031.50

चंडीगढ़ : ₹951.50

भुवनेश्वर : ₹968.00

तिरुवनंतपुरम : ₹951.00

पटना में घरेलू सिलेंडर सबसे महंगा

इन दरों का विश्लेषण करें तो बिहार की राजधानी पटना में घरेलू सिलेंडर सबसे महंगा 1031.50 रुपए में मिल रहा है। मुंबई में इसकी कीमत सबसे कम 941.50 रुपए है। यानी इन दो शहरों के बीच एक घरेलू सिलेंडर पर सीधे 90 रुपए का भारी अंतर दिखाई देता है।

कमर्शियल सिलेंडर: कहां कितनी बढ़ी कीमतें?

दिवाली के सीजन में हलवाइयों की दुकानों, होटल, रेस्तरां और शादी-ब्याह के कैटरिंग बिजनेस में एलपीजी की खपत काफी तेज हो जाती है। ऐसे में कमर्शियल सिलेंडर के बढ़े भाव व्यवसायियों की लागत को सीधे प्रभावित करते हैं।

19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की नई दरें और अक्टूबर में हुई बढ़ोतरी

शहर कमर्शियल सिलेंडर की दर अक्टूबर में हुई बढ़ोतरी

दिल्ली ₹2,810.00 ₹62.50

मुंबई ₹2,764.50 ₹63.50

कोलकाता ₹2,954.00 ₹70.00

चेन्नई ₹2,983.00 ₹66.50

गुरुग्राम ₹2,828.00 ₹63.50

नोएडा ₹2,810.00 ₹62.50

बेंगलुरु ₹2,898.00 ₹67.00

हैदराबाद ₹3,065.00 ₹69.00

लखनऊ ₹2,932.50 ₹62.50

जयपुर ₹2,839.00 ₹63.00

पटना ₹3,100.50 ₹71.50

चंडीगढ़ ₹2,833.00 ₹63.50

भुवनेश्वर ₹2,988.00 ₹69.00

तिरुवनंतपुरम ₹2,849.00 ₹65.00

क्या दिवाली पर बाहर खाने और मिठाई का खर्च बढ़ेगा?

कमर्शियल गैस के दाम चढ़ने से होटल, रेस्तरां, कैटरिंग और मिठाई कारोबार की परिचालन लागत बढ़ सकती है। वैसे, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि हर दुकानदार तुरंत अपनी चीजों के दाम बढ़ा देगा। कारोबारियों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनकी कुल गैस खपत कितनी है, बाकी अन्य खर्चे कितने हैं और वे इस बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठाते हैं या ग्राहकों पर डालते हैं। आम घरेलू ग्राहकों के लिए फिलहाल सुकून की बात यह है कि अक्टूबर समीक्षा में 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम स्थिर रहे। मगर, दिवाली पर घर में पकवान ज्यादा बनने से सिलेंडर की खपत बढ़ सकती है। इससे अलावा सिलेंडर की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए दिवाली का बजट तय करते समय सिलेंडर के रेट के साथ अपनी संभावित खपत का अंदाजा लगाना भी बेहद जरूरी है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय होने के मुख्य कारण

भारत में रसोई गैस की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारणों पर निर्भर करती हैं:-

अंतरराष्ट्रीय बाजार : वैश्विक बाजार में एलपीजी के कच्चे दामों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर भारत की आयात लागत को प्रभावित करता है।

रुपये और डॉलर का विनिमय दर : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होने पर ऊर्जा का आयात महंगा हो जाता है।

तेल कंपनियों का मासिक संशोधन : ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को कमर्शियल एलपीजी की नई दरें समीक्षा के बाद जारी करती हैं।

सरकारी नीतियां और सब्सिडी व्यवस्था : घरेलू सिलेंडर की वास्तविक उत्पादन लागत और आम उपभोक्ता द्वारा चुकाई जाने वाली कीमत के बीच के अंतर को सरकारी नीतियां प्रभावित करती हैं।

स्थानीय कर और परिवहन खर्च : अलग-अलग राज्यों और शहरों में लगने वाले लोकल टैक्स (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण शहर दर शहर कीमतें बदल जाती हैं।

क्या दिवाली से पहले घरेलू सिलेंडर सस्ता हो सकता है?

यह वह सबसे अहम सवाल है, जिसका जवाब हर आम उपभोक्ता तलाश रहा है। रिपोर्टों के अनुसार अक्टूबर में कमर्शियल सिलेंडर तो महंगा हुआ, लेकिन घरेलू एलपीजी की दरों को स्थिर रखा गया। फिलहाल उपलब्ध जानकारियों में दिवाली से पहले घरेलू रसोई गैस की दरें कम या ज्यादा करने के संबंध में किसी भी नई सरकारी या आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। कीमतों की अगली समीक्षा 1 नवंबर को होने की पूरी संभावना है, क्योंकि तेल कंपनियां अमूमन हर महीने की पहली तारीख को कमर्शियल गैस के रेट रिवाइज करती हैं। वैसे, उस दिन कीमतें घटेंगी, बढ़ेंगी या पहले की तरह स्थिर रहेंगी, यह पहले से तय नहीं होता। इसी तरह घरेलू सिलेंडर के दामों में भी किसी भी बदलाव को आधिकारिक सूचना आने से पहले पक्का नहीं माना जा सकता।