E20 Petrol News : कर्नाटक में पेट्रोल के अंदर तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल पाए जाने के बाद उठे सियासी और प्रशासनिक तूफान का असर अब दूसरे राज्यों में भी दिखने लगा है। इसी कड़ी में केरलम के नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने राज्य के 4 प्रमुख जिलों में पेट्रोल पंपों के औचक एवं सख्त निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मंत्री अनूप जैकब ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद सिविल सप्लाई और कंज्यूमर अफेयर्स के कमिश्नर को चयनित इलाकों में जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इस अभियान के तहत तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, कोझिकोड, कन्नूर जिले के पेट्रोल पंपों से ईंधन के सैंपल इकट्ठे किए जाएंगे। इन नमूनों को गुणवत्ता तथा मानकों की जांच के लिए तुरंत प्रयोगशाला में भेजा जाएगा, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ताओं को सही क्वालिटी का ईंधन मिल रहा या नहीं।
केरलम में अब तक नहीं मिला उल्लंघन
प्रशासन ने बताया है कि फिलहाल केरलम की सीमा के भीतर तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिलाए जाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। वैसे, पड़ोसी राज्य कर्नाटक में सामने आई कथित गड़बड़ी और भारी मात्रा में इथेनॉल मिलने के मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने पूरी तरह सतर्कता बरतने का फैसला किया है। सरकार किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।
नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज, होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच के दौरान किसी भी पेट्रोल पंप पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (आपूर्ति और वितरण का विनियमन और कदाचार की रोकथाम) आदेश, 2005 के तहत साल 2014 में जारी राज्य की अधिसूचना के मुताबिक नागरिक आपूर्ति कमिश्नर से लेकर तालुक आपूर्ति अधिकारियों तक को यह पूरा अधिकार प्राप्त है कि वे किसी भी आउटलेट का निरीक्षण करें और तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू करें। मंत्री जैकब ने कहा है कि ईंधन में किसी भी प्रकार की मिलावट या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाएगी।
कर्नाटक सरकार के आरोप और तेल कंपनियों का रुख
यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ, जब कर्नाटक सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए। कर्नाटक की जांच में दावा किया गया कि कंपनियां तयशुदा 20% (E20) की तय सीमा के उलट पेट्रोल में 31.2% तक इथेनॉल सप्लाई कर रहीं। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने और हर्जाने की मांग की।