देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन, सड़क यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।
तमिलनाडु-पुडुचेरी में भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर बेहद तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान बादल गरजने, बिजली कड़कने और तेज़ आंधी-तूफान चलने का भी खतरा है। झमाझम बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर सकता है, जिससे रास्तों पर आना-जाना मुश्किल हो सकता है और ट्रैफिक जाम की नौबत आ सकती है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
केरल में कई दिनों तक बारिश के आसार
केरल और माहे में 20 से 26 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस अवधि में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। लगातार बारिश से कुछ क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय निवासियों और यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
कर्नाटक के तटीय और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना भी जताई गई है। तटीय कर्नाटक में भी अलग-अलग दिनों पर तेज बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, यनम और रायलसीमा में 20 और 21 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में ठंड बढ़ने के संकेत
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव के साथ तापमान पर भी असर पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड का एहसास बढ़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदलने से यात्रा करने वालों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट आएगी और किन क्षेत्रों में इसका असर अधिक रहेगा, यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
मौसम खराब होने पर बरतें सावधानी
दक्षिण भारत में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में रुकने से बचें और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थान पर रहें। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचें। मौसम विभाग की चेतावनियों में बदलाव संभव है, इसलिए अपने क्षेत्र का ताजा पूर्वानुमान देखते रहें। खासकर उन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जहां भारी बारिश की संभावना जताई गई है।