Odisha Court Iron Rod Attack: ओडिशा के नबरंगपुर जिले से अदालत की गरिमा को झकझोर देने वाली एक बेहद हैरान करने वाली और डरावनी घटना सामने आई है। जिले के झारिगांव (Jharigaon) स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) की अदालत परिसर में शनिवार को एक महिला वादकारी (Litigant) ने ऐसा तांडव मचाया कि वहां मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए। महिला ने अदालत के भीतर अचानक लोहे की रॉड निकालकर एक महिला मजिस्ट्रेट, एक सहायक लोक अभियोजक (APP) और एक पुलिस अधिकारी पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। इस अचानक हुए हमले से पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

क्या है पूरा मामला और कैसे भड़की महिला?

पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घटना को अंजाम देने वाली आरोपी महिला की पहचान सनामति माझी के रूप में हुई है। अदालत में सनामति माझी से जुड़ा एक घरेलू हिंसा और पारिवारिक कानूनी विवाद का मामला चल रहा था और हाल में अदालत में उसकी गवाही भी दर्ज की गई थी। शनिवार की दोपहर आरोपी महिला जब कोर्ट परिसर में पहुंची तो उसने बड़ी चालाकी से अपने बैग के अंदर एक लोहे की रॉड छिपा रखी थी। जब महिला को असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) प्रदीप पटनायक से मिलने के लिए कहा गया तो वह अचानक आगबबूला हो गई। उसने पलक झपकते ही अपना बैग खोला, उसमें से लोहे की रॉड निकाली और सीधे एपीपी पर हमला कर दिया।

हमले में किस-किस को और कैसे पहुंची चोटें?

हमले में अदालत के भीतर मौजूद तीन अहम लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। महिला के हमले का सबसे पहला निशाना एपीपी प्रदीप पटनायक बने। रॉड के प्रहार से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। उनके सिर में टांके लगाने पड़े। जब न्यायिक मजिस्ट्रेट स्मिता लकड़ा बीच-बचाव करने और स्थिति को संभालने के लिए आगे आईं तो आक्रामक महिला ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में जज साहिबा के माथे पर सूजन आ गई। उनकी उंगली में भी चोट लग गई। अदालत के भीतर चीख-पुकार सुनकर कोर्ट के सुरक्षाकर्मी व सब-इंस्पेक्टर मिनकेतन गंतयात मौके पर पहुंचे तो महिला ने उन पर भी रॉड से हमला कर दिया। इससे वे भी घायल हो गए।

सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी और पुलिस की सख्त कार्रवाई

अदालत के भीतर अचानक हुई हिंसा से कुछ पलों के लिए सन्नाटा छा गया। वहां मौजूद अदालत कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी दिखाई। सबने मिलकर हमलावर महिला को दबोचा और उससे रॉड छीनी, तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका। सूचना मिलते पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने आरोपी महिला सनामति माझी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज करते हुए उसे सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

घायलों की स्थिति और सुरक्षा पर चिंता

घायल अधिकारियों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। उसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। घटना बाद अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा में हुई भारी चूक को लेकर पुलिस-प्रशासन और बार एसोसिएशन ने गहरी चिंता जताई है। इस घटना ने फिर कोर्ट रूम के भीतर न्यायपसंद लोगों और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।