PM Modi Dussehra Speech : देशभर में आज विजयादशमी का पर्व उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। देश के दिग्गजों ने अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया और जनता को असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान पहुंचकर रामलीला के कलाकारों की आरती उतारी और इसके बाद प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के ही द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित दशहरा समारोह में शिरकत की और रावण के पुतले पर प्रतीकात्मक तीर चलाकर उसका दहन किया।
पटना : बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्य के सबसे ऊंचे 90 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया।
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भगवान श्रीराम का राजतिलक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के बाद विजयादशमी सनातन धर्म का महापर्व है। हजारों साल पहले अयोध्या में राजा दशरथ के बड़े बेटे के रूप में श्रीहरि विष्णु ने जन्म लेकर अन्याय-अधर्म के विरुद्ध शंखनाद किया था। दुनिया में आक्रमणकारियों ने कई देशों की संस्कृतियों को नष्ट किया। 500 साल पहले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि भी अन्याय का शिकार बनी थी, लेकिन श्रीराम ने अन्याय के खिलाफ जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया। उन्होंने धरती से राक्षसों का समूल नाश किया।
लुधियाना : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लुधियाना में रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया।
पंचकूला : हरियाणा के पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया, जिसे पूरे देश में सबसे ऊंचा रावण का पुतला बताया जा रहा है।
अनोखा नजारा : दिल्ली में एक खास और अनोखा आकर्षण देखने को मिला, जहां रावण के साथ-साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
दशहरे पर जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अपने सांस्कृतिक केंद्रों को पूरी दुनिया में एक नई पहचान दिला रहा है। बीते कुछ समय में देश की कई साइट्स को यूनेस्को (UNESCO) की सूची में शामिल किया गया है और यहां तक कि दिवाली को भी यूनेस्को में शामिल किया गया है। यह करोड़ों भारतीयों की सामूहिक शक्ति का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि विजयदशमी असल में विजय और जीत का पर्व है। यह हमें यह साहस देता है कि शत्रु चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, लेकिन अंत में सच्चाई और मानवता की ही जीत होती है।
विरासत की वापसी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे सामने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य है, जिसके लिए भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। जब किसी राष्ट्र के पास आत्मसम्मान का भाव होता है, तभी वह तरक्की करता है। सदियों तक हमारी धरोहरों को लूटकर विदेश ले जाया गया, लेकिन आज हम अपनी उन अमूल्य धरोहरों को वापस देश में ला रहे हैं। बीते 12 सालों में 650 से ज्यादा प्राचीन मूर्तियों को भारत वापस लाया गया है।
परिश्रम और संकल्प : प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि हमें गरीब और वंचित वर्ग की सेवा को सबसे ऊपर रखना चाहिए। भगवान राम के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि चाहे कितनी भी बड़ी परेशानी या चुनौती क्यों न आ जाए, हमें कभी दूसरों के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। हमें अपने संकल्प को अपनी ताकत बनाना चाहिए और अपने कड़े परिश्रम से खुद रास्ता निकालना चाहिए। रास्ते की कोई भी कठिनाई हमारे पराक्रम को रोक नहीं सकती।
प्राण ऊर्जा और आस्था : पीएम ने कहा कि आज जब देश का जन-जन अधर्म पर धर्म की जय का उद्घोष कर रहा है तो हमें पूरे उत्साह के साथ सियावर रामचंद्र की जय का नारा लगाना चाहिए। यह आस्था केवल इसलिए नहीं है कि प्रभु राम ने रावण का वध किया था, बल्कि इसलिए भी है कि उन्होंने मानवता के इतिहास में ऐसे अतुलनीय आदर्श दिए हैं। देश भर में रामलीला का मंचन और असत्य पर सत्य की जीत का यह विश्वास हमारे लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की असली प्राण ऊर्जा है।