Shraddha Dubey Arrested News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मामले की मुख्य आरोपी और मॉडल श्रद्धा दुबे को उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ नागपुर से दबोचा गया है। आज लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी बाद नागपुर में श्रद्धा दुबे का मेडिकल टेस्ट करवाया जाएगा। उसके बाद पुलिस टीम ट्रांजिट रिमांड पर विमान के जरिए तीनों को लखनऊ लेकर पहुंचेगी। यहां इस हत्याकांड को लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ बुर्का पहनकर सफर कर रही थी, ताकि कोई उसे पहचान न सके। वैसे, एसटीएफ ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और नागपुर पुलिस की मदद से उसे दबोच लिया।
9 अक्टूबर को दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर को मृतकी की मां और वादिनी रंजना शर्मा की लिखित शिकायत पर मुकदमा संख्या 216/ 2026 दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या के आरोप में दर्ज हुआ था। इस घटना के सामने आने के बाद से ही श्रद्धा दुबे, चालक दानिश और रश्मि दुबे फरार चल रहे थे। पुलिस ने इन तीनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
आगरा के होटल में बिताए थे 24 घंटे, बुर्के में छिपाई पहचान
नागपुर पकड़े जाने से पहले श्रद्धा दुबे ने ताजनगरी आगरा में लगभग 24 घंटे का समय बिताया था। आगरा के ताज नगरी फेज-1 स्थित होटल ओम पैलेस के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिसमें वह पूरी तरह बुर्के में अपनी पहचान छिपाते हुए नजर आ रही है। फुटेज में उसके साथ एक अज्ञात युवक और एक युवती भी दिख रहे। होटल के एंट्री रजिस्टर देखने पर पता चला कि देवराज यादव ने अपने पहचान-पत्र के आधार पर वहां दो कमरे बुक कराए थे। होटल के स्टाफ और रिसेप्शनिस्ट मयंक ने जानकारी दी कि 17 अक्टूबर की सुबह लगभग 6:33 बजे एक संदिग्ध गाड़ी होटल के बाहर आकर रुकी थी। इसके ठीक बीस मिनट बाद यानी सुबह 6:53 बजे श्रद्धा अपने साथियों के साथ होटल के अंदर दाखिल हुई। इसके बाद 18 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े छह बजे तीनों आरोपी होटल से चेकआउट करके बाहर निकले और आगरा नंबर की एक अर्टिगा कार में सवार होकर वहां से फरार हो गए। होटल के कर्मचारियों के अनुसार, 24 घंटे के प्रवास के दौरान बुर्का पहनी हुई युवती अपने कमरे से बाहर एक बार भी नहीं निकली और सारा खाना-पीना कमरे के अंदर ही मंगवाया गया।
आगरा में वकील से मिलने और सरेंडर करने की थी फिराक में
सूत्रों से यह बात सामने आई है कि श्रद्धा आगरा किसी वकील से संपर्क साधने और कानूनी सलाह लेने के सिलसिले में आई थी। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि वह किसी पुराने या छोटे मामले में आगरा की किसी स्थानीय अदालत में सरेंडर करके लखनऊ पुलिस की गिरफ्त से बचना चाहती थी। मगर, जैसे ही उसे भनक लगी कि यूपी एसटीएफ और पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंच चुकी है, वह तड़के साथियों के साथ होटल से भाग निकली। जब तक आगरा एसटीएफ और लखनऊ क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें होटल ओम पैलेस पहुंचीं, तब तक वे लोग वहां से जा चुके थे। अब जांच एजेंसियां होटलों के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और इस्तेमाल की गई गाड़ियों के नंबरों की मदद से इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
नेपाल बॉर्डर से लेकर नागपुर तक की भागदौड़
9 अक्टूबर को हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। मृतक की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद आरोपी लोकेशन बदल रहे थे। नेपाल बॉर्डर से होते हुए उन्होंने आगरा का रुख किया और अंततः नागपुर में जाकर पुलिस के शिकंजे में फंस गए।