Sonam Wangchuk Encounter News : पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने कहा है कि मेरा एनकाउंटर हो सकता है। मुझे अपनी जान के खतरे को लेकर चेतावनियां मिली हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा भी मांगा है। लद्दाख के मुद्दे पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने गुरुवार को लेह हिंसा की बरसी पर लद्दाखवासियों के साथ गलत व्यवहार के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा, हम अंत तक अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। वांगचुक ने कहा कि लोगों का कहना है कि मेरा एनकाउंटर हो सकता है। मैं कहता हूं एनकाउंटर हो, यह मेरी अंतिम ख्वाहिश है। इससे यह देश जाग जाएगा। वांगचुक ने दावा किया कि बीते साल 24 सितंबर को हुई हिंसा सुनियोजित थी। लद्दाख में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिशें की गई थीं। 

लद्दाख के लोगों के साथ केंद्र सरकार कर रही बेहद बुरा बर्ताव

वांगचुक ने कहा कि चीन भी तिब्बतियों से वैसा व्यवहार नहीं करता, जैसा केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों के साथ कर रही। लद्दाख के एक ओर चीन और दूसरी ओर भारत था। लद्दाख ने भारत चुना, क्योंकि भरोसा था कि भारत में लोकतंत्र है। हम सिर ऊंचाकर जी सकेंगे। आज लद्दाख में ऐसा दमन किया जा रहा है कि मेरे विचार में चीन भी तिब्बत के साथ ऐसा नहीं कर रहा है।

आरोपियों के खिलाफ मामले वापस

लेंह हिंसा के बाद पुलिस ने दंगा करने, सुरक्षा बलों पर हमला करने, सरकारी संपत्ति जलाने के आरोप में दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। घटना की पहली बरसी से ठीक पहले लद्दाख के उपराज्यपाल ने आरोपियों के खिलाफ मामले वापस ले लिए हैं। वांगचुक ने कहा, हिंसा साजिश थी। उन्होंने लद्दाख में अशांति तथा दंगे भड़काने की कोशिशों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि हिंसा की जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक हो, जिससे लोगों को पता चले कि 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा के पीछे कौन था।

सरकार वादे से मुकरी

सोनम वांगचुक ने कहा, लद्दाख के हालात के लिए दिल्ली सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने हमारे नेताओं से 6वीं अनुसूची व राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। मगर, बाद में अमित शाह ने लद्दाख को 6वीं अनुसूची देने से इनकार कर दिया।