दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला बिल्डिंग अचानक गिर गई। बिल्डिंग करीब 40 साल पुरानी थी और 1990 में बनी थी। MCD के रिकॉर्ड में इसे पहले डेंजर घोषित नहीं किया गया था। लोकल लोगों और पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स के मुताबिक, बिल्डिंग के बेसमेंट में पिछले 7 दिन से तोड़-फोड़ और खुदाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि बेसमेंट पहले से ही कमजोर थी और उसमें पानी भी भरा हुआ था।

पिलर खिसकने के बाद गिरी बिल्डिंग

रविवार को बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया। इसके बाद पांच मंजिला बिल्डिंग एकदम से गिर गई। हादसे के टाइम बेसमेंट में काम कर रहे मजदूरों के अलावा भी कुछ लोगों के फंसे होने की बात कही जा रही है। बिल्डिंग गिरते ही पूरा एरिया मलबे में बदल गया। आस-पास के लोगों ने तुरंत पुलिस और रेस्क्यू टीम को इन्फॉर्म किया। इसके बाद एनडीआरए और दूसरी टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।

स्निफर डॉग और कैमरों से हो रही तलाश

रेस्क्यू टीम मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए स्निफर डॉग और कैमरों का यूज कर रही है। बेसमेंट तक पहुंचने में टीम को बहुत प्रॉब्लम हो रही है। अब तक 6 शव निकले जा चुके हैं, जबकि 12 लोगों को सेफ बाहर निकाला गया है। 5 घायलों की हालत सीरियस बताई जा रही है और उनका ट्रीटमेंट एम्स में चल रहा है। एम्स के मुताबिक, 11 पेशेंट्स को ट्रॉमा सेंटर लाया गया था।

पड़ोस की बिल्डिंग में भी आ गई दरार

हादसे के बाद आस-पास की बिल्डिंग्स को भी खतरा बताया जा रहा है। बगल में बनी एक बिल्डिंग में क्रैक आने के बाद उसे भी खाली करा दिया गया है। रेस्क्यू टीम को डर है कि मलबा हटाने के दौरान ये बिल्डिंग भी गिर सकती है। इसलिए उसे सपोर्ट देने के लिए पिलर लगाए गए हैं और बहुत ध्यान से मलबा हटाया जा रहा है।

बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR

पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ लापरवाही और गैर इरादतन हत्या की धाराओं में FIR दर्ज की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के ऑर्डर दिए हैं। दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने कहा है कि चार मंजिल से ज्यादा वाली इलीगल बिल्डिंग्स की चेकिंग होगी और जरूरत पड़ी तो उन्हें सील भी किया जाएगा। दोषी अपराधियों के खिलाफ भी एक्शन लेने की बात कही गई है।

स्टूडेंट एरिया है सत्य निकेतन

सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास का मेन स्टूडेंट एरिया है। यहां बहुत सारे स्टूडेंट्स PG और हॉस्टल में रहते हैं। आस-पास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे कॉलेज हैं। बिल्डिंग गिरने की इस घटना ने इस एरिया में मौजूद PG और दूसरी बिल्डिंग्स की सेफ्टी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।