उत्तर प्रदेश के कानपूर जिले में प्रदेश का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनने जा रहा। यहां 55 हजार दर्शक एक बार में बैठकर मैच का आंनद ले पाएंगे। कानपूर के क्रिकेट स्टेडियम को ग्रीन पार्क नाम मिला है, जिसके बनने के लिए 350 करोड़ रुपये की स्वीकृती मिल चुकी है। स्टेडियम बाहर से देखने में उप्र के प्रतीक चिह्न की तरह धनुषाकार होगा। इसके साथ ही स्टेडियम को बारहसिंघा, सारस व पलाश के फूलों की तरह आकार दिया जाएगा। कानपूर क्रिकेट स्टेडियम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे मेट्रो सिटी वाले शहरों की तरह देश के पांच टेस्ट सेंटरों में शामिल है। कानपूर स्टेडियम में क्रिकेट संग्रहालय इनडोर व आउटडोर क्रिकेट पिच का निर्माण होगा। 

ग्रीन पार्क स्टेडियम के खूबियां 

कानपूर में बन रहे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े स्टेडियम में 55 हजार से ज्यादा लोगों के बैठने का प्रबंध होगा। ग्रीन पार्क स्टेडियम में पूर्व खिलाड़ियों के नाम पर गैलरी होगी, जहां इनडोर व आउटडोर क्रिकेट पिच का निर्माण होगा। कानपूर स्टेडियम में तीन मंजिला वीवीआइपी गैलरी होगी, जिसमें 500 वीवीआइपी मेहमानों के साथ करीब 15 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। स्टेडियम में अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम होगा जिसकी मदद से स्टेडियम भारी वर्षा के बाद भी 15 मिनट में क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध हो जाएगा। 

ग्रीन पार्क स्टेडियम क्यों है खास?

भारत में बहुत कम स्टेडियम हैं, जिसमें इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम तथा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्टेडियम में ही ये टेक्नोलॉजी मौजूद है। ग्रीन पार्क स्टेडियम के बजट में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी जो कि 350 करोड़ से 456.94 करोड़ रुपये करने की तैयारी है। कानपूर के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आर्किटेक्चर कंसलटेंसी के लिए 75 दिन और निर्माण के लिए छह माह का समय लग सकता है। ग्रीन पार्क स्टेडियम का काम अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है।

ग्रीन पार्क का काम तीन चरणों में बांटा गया है

कानपूर के ग्रीन पार्क स्टेडियम के काम को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में कानपूर स्टेडियम में बालकनी, मीडिया सेंटर, प्लेयर पवेलियन, फील्ड ऑफ प्ले (एफओपी) और स्पोर्ट्स लाइटिंग से जुड़े काम किए जाएंगे। ग्रीन पार्क के दूसरे चरण में ईस्ट स्टैंड का निर्माण होगा। तीसरे चरण में नॉर्थ-ईस्ट, नॉर्थ-वेस्ट और साउथ-वेस्ट स्टैंड बनने की प्रक्रिया शुरू होगी। स्टेडियम में गाड़ियों की भीड़ को नजर में रखते हुई बड़ी कार पार्किंग बनाने के जगह सैटेलाइट पार्किंग, शटल सेवा और पैदल आवागमन को बढ़ावा देने की योजना है। सभी कार्य पूरे होने के बाद स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 55 हजार के करीब होगी।