Elon Musk Starlink: भारत के सैटेलाइट इंटरनेट मार्केट में पैठ जमाने को दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच जुबानी तीर चल रहे हैं। पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई, जब मस्क ने इशारों-इशारों में भारत के बड़े उद्योगपतियों पर स्टारलिंक की एंट्री रोकने का आरोप मढ़ दिया था। जवाब में रिलायंस ने दो टूक कह दिया था कि उन्हें किसी प्रतिस्पर्धा से डर नहीं लगता। अब स्टारलिंक ने पलटवार करते हुए साफ कर दिया है कि वह देश के कोने-कोने तक तेज रफ्तार इंटरनेट पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
स्टारलिंक ने पलटवार में क्या कहा?
सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर स्टारलिंक ने बताया कि वह पिछले पांच से भी ज्यादा सालों से भारतीय नियमों, टेलीकॉम इंडस्ट्री और लोकल ऑपरेटरों के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है। कंपनी का दावा है कि उसने देश में सुरक्षित इंटरनेट सेवा देने के लिए आवश्यक गेटवे और बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) तैयार कर लिया है। यह पूरा नेटवर्क भारत के भीतर ही मौजूद है, ताकि भारतीय ग्राहकों के डेटा और ट्रैफिक को देश के अंदर ही सुरक्षित रखा जा सके। कंपनी का कहना है कि उसके पास सभी जरूरी सरकारी अनुमतियां भी हैं।
रिलायंस ने दी थी क्या दी थी चेतावनी?
दरअसल, स्टारलिंक का यह बयान रिलायंस के 16 अक्टूबर वाले उस रुख के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में स्टारलिंक सहित सभी नए खिलाड़ियों का स्वागत है, लेकिन देश के कानून और नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। रिलायंस का कहना था कि प्रतिस्पर्धा से कभी जियो पीछे नहीं हटा, बल्कि इससे ग्राहकों को ही बेहतर सर्विस मिलती है। अपनी बात रखते हुए जियो के शुरुआती दिनों का उदाहरण दिया गया कि साल 2016 में जब जियो शुरू हुआ था तब उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था, लेकिन किफायती डेटा के दम पर आज 53 करोड़ से अधिक यूजर उनके साथ जुड़े हैं। रिलायंस का मुख्य जोर इस बात पर था कि जियो हो या स्टारलिंक, हर किसी को भारतीय नीतियों के दायरे में रहकर काम करना होगा।
मस्क के प्राइम मिनिस्टर अंबानी तंज का क्या है मामला?
मस्क ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए मुकेश अंबानी को प्राइम मिनिस्टर अंबानी कहा था। मस्क का आरोप है कि भारत में स्टारलिंक को हरी झंडी मिलने में जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि कंपटीशन को प्रभावित किया जा सके। वैसे, मस्क के इन दावों का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। वहीं केंद्र सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सरकार किसी भी कंपनी के साथ कोई भेदभाव नहीं कर रही है और नियम सभी के लिए एक समान हैं।
क्या भारत में तुरंत शुरू होगी स्टारलिंक की सर्विस?
स्टारलिंक को सैटेलाइट कम्युनिकेशन का लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सर्विस तुरंत चालू हो जाएगी। लाइसेंस के बाद स्पेक्ट्रम का आवंटन और कड़ी सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बाकी रहती है। सरकार के मुताबिक स्टारलिंक ही नहीं, बल्कि रिलायंस जियो और एयरटेल समर्थित यूटेलसैट वनवेब जैसी सभी कंपनियों को इन जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही सेवा शुरू करने की इजाजत मिलेगी।