अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि ईरान के साथ जारी युद्ध और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने उनकी पार्टी को चुनाव में नुकसान पहुंचाया। उन्होंने सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ कदम उठाना जरूरी था और उन्हें इस पर कोई पछतावा नहीं है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज और 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि ईरान युद्ध चुनावी नतीजों को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल था। उनके मुताबिक, युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से अमेरिकी मतदाता नाराज थे। दूसरी ओर, उन्होंने यह भी दावा किया कि लोग ईरान के खिलाफ उनकी कार्रवाई के महत्व को समझते हैं।

तेल की बढ़ती कीमतों से नाराज थे अमेरिकी मतदाता

ट्रंप ने कहा कि ईरान का मुद्दा रिपब्लिकन पार्टी की हार की एक वजह रहा। उन्होंने खास तौर पर पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि मतदाता युद्ध के आर्थिक असर को लेकर चिंतित थे। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने भी चुनाव प्रचार के दौरान ईरान संघर्ष और उससे बढ़ती महंगाई को प्रमुख मुद्दा बनाया था। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के फैसले पर कोई दूसरा विचार नहीं है। उनका कहना था कि उन्होंने सही कदम उठाया और मौका मिलने पर वह यही फैसला दोबारा लेते।

जेडी वेंस ने भी युद्ध को बताया हार की वजह

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पार्टी की हार की वजह युद्ध है। वेंस ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सीनेट में बहुमत गंवाने की कीमत पर युद्ध जारी रखना उचित था। मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बढ़त हासिल कर ली। इससे ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाले समय में अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को हटाने की अटकलें खारिज

चुनावी हार के बाद ट्रंप ने अपने प्रशासन में बड़े बदलाव की संभावना से भी इनकार किया। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने के सवाल पर कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। ट्रंप ने साफ किया कि फिलहाल कैबिनेट में किसी तरह के फेरबदल की उनकी योजना नहीं है। वहीं, उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी ऐसे विधेयक लाती है, जिनसे वह सहमत नहीं होंगे, तो वह राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

ईरान में चुनावी नतीजों के बाद जश्न

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। बुधवार को हजारों लोगों ने मार्च निकाला। यह आयोजन 1979 में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के मौके पर हुआ। इस दौरान लोगों ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों को ट्रंप की ईरान नीति के खिलाफ जनता का संदेश बताया। ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गलीबॉफ ने भी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ अपना संदेश दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका में राजनीतिक बदलाव से ईरान के प्रति उसकी नीति बदलने की उम्मीद करना गलतफहमी होगी। इस तरह मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद ईरान युद्ध, ईंधन की कीमतें और अमेरिकी विदेश नीति ट्रंप प्रशासन के सामने अहम राजनीतिक मुद्दे बनकर उभरे हैं।