Asian Para Games 2026 India : भारत ने पैरा एशियाई खेलों में भी धमाकेदार शुरुआत की है। टूर्नामेंट के पहले दिन यानी 19 अक्टूबर को भारतीय दल ने 11 पदक अपने नाम किए। इनमें 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। आज जैवलिन थ्रो में भारत के रिंकू ने देश को गोल्ड मेडल दिलाया। भाला फेंक (F53/ F54 श्रेणी) के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। प्रदीप कुमार ने F54 वर्ग में 27.45 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। आयुष वर्मा ने F53 वर्ग में 17.88 मीटर का थ्रो फेंक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में ईरान के इरफान बोंदोरी 30.24 मीटर थ्रो के साथ शीर्ष स्थान पर रहे।
दौड़ में दीप्ति ने जीता गोल्ड मेडल
दौड़ में दीप्ति जीवनजी ने सोने का तमगा हासिल किया। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा का फाइनल 56.36 सेकंड में पूरा कर भारत को गोल्ड दिलाया। खास बात रही कि दीप्ति ने हीट्स के दौरान 57.57 सेकंड का समय निकाल पैरा एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया था। फिर फाइनल में अपने इस प्रदर्शन में और सुधार किया। जापान की नीना कानो (58.92 सेकंड) इस स्पर्धा में दूसरे स्थान पर रहीं। तैराकी में 22 साल के हिमांशु नंडल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। हिमांशु जापान के तोमिता तथा चीन के चुआनझेन के बाद तीसरे स्थान पर आए। वैसे, पुरुषों की 400 मीटर फ्री स्टाइल एस13 दौड़ में रवि बुडिगिना करिश्मा नहीं दोहरा सके, जैसा उन्होंने बीते दिन 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज जीतकर किया था। रवि 5:41.70 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। ट्रैक एथलेटिक्स में सुजीत मंडलमकुनाथ ने भी निराश नहीं किया। उन्होंने पुरुषों की 100 मीटर टी13 स्पर्धा की दूसरी हीट में 11.75 सेकंड का समय निकालकर पांचवां स्थान हासिल किया और फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया।
आर्चरों का अचूक निशाना
तीरंदाजी (आर्चरी) के मैदान से भी भारतीय फैंस के लिए अच्छी खबरें आईं। शीतल देवी और पायल नाग की महिला कंपाउंड जोड़ी ने थाईलैंड को 151-135 के बड़े अंतर से मात देकर फाइनल का टिकट कटा लिया। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना चीन से होगा, जिसने चीनी ताइपे को 144-141 से हराया था। पहली बार इन खेलों का हिस्सा बन रहीं स्वाति ने महिलाओं के डब्ल्यू1 सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की यूनही ली को 6-2 से हराकर भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया है। अब वे गोल्ड के लिए चीन की मेंगकान से टकराएंगी। वहीं, पुरुषों के रिकर्व वर्ग (राउंड ऑफ 16) में हरविंदर सिंह ने चीनी ताइपे के ली बिंग-यू को एकतरफा अंदाज में 6-0 (सेट्स: 27, 27, 25) से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
शूटिंग, पावरलिफ्टिंग और टेबल टेनिस का प्रदर्शन
पैरा शूटिंग में भारत के हाथ दो पदक आए। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में मनीष नरवाल ने शानदार निशाना साधते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। वहीं, पहली बार खेल रहीं सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में 214.7 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। पैरा पावरलिफ्टिंग के 65 किलोग्राम भारवर्ग में अशोक कुमार मलिक बेहद करीबी अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
पैरा टेबल टेनिस में भारत के लिए पदकों की झड़ी लगी रही:-
जेहान डोराब मदन : पुरुषों की सिंगल्स क्लास-1 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वैसे, राउंड-रॉबिन में उनका रिकॉर्ड 1 जीत और 3 हार का रहा और वे चौथे स्थान पर रहे। पुरुषों की एकल टेबल टेनिस में इन खेलों का यह भारत का पहला और ऐतिहासिक मेडल है।
प्राची पांडे : महिला सिंगल्स क्लास 6 के सेमीफाइनल में इराक की अल-दयेनी नजला से 0-3 (9-11, 2-11, 8-11) से हारने के बाद ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
रवि बेबी सहाना : महिला सिंगल्स क्लास 9 के सेमीफाइनल में चीन की माओ जिंगडियन से 0-3 (8-11, 2-11, 4-11) से पराजित हुईं और ब्रॉन्ज मेडल जीता।
सोनलबेन पटेल : महिला सिंगल्स क्लास 3 के खिताबी मैच में साउथ कोरिया की यूं जियु से 0-3 (7-11, 5-11, 6-11) से हारकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
भाविना पटेल : महिला सिंगल्स क्लास 4-5 के सेमीफाइनल में चीन की झांग बियान से 0-3 (7-11, 5-11, 7-11) से हारकर पोडियम पर अपनी जगह पक्की करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता।
बैडमिंटन में मिली जीत, जूडो में निराशा
पैरा-बैडमिंटन के मिक्स्ड डबल्स (एसएल3-एसयू5) क्वार्टर फाइनल में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी ने थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम और चनिदा श्रीनावकुल को 21-15, 21-14 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वैसे, जूडो के मैदान से भारत के लिए निराशाजनक खबर आई, जहां महिलाओं के जे1 70 किलोग्राम भारवर्ग में रेणुका सालावे स्पर्धा से बाहर हो गईं। जापान की अत्सुमी निशिमुरा ने उन्हें केवल 58 सेकंड में इप्पोन तकनीक से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।