अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। रामनगरी में इस बार दीपों की जगमगाहट के साथ कला और आस्था का अनूठा संगम भी दिखेगा। रामकथा पार्क के पास करीब 220 टन बालू से भगवान श्रीराम के भव्य दरबार की विशाल सैंड आर्ट बन रही है। बालू से बन रहे राम दरबार में 50 फीट लंबी और 20 फीट ऊंची यह कलाकृति दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में से एक होगी। इस विशाल कलाकृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके बिहार के सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार अपने चार सहयोगियों के साथ तैयार कर रहे हैं। टीम ने 30 अक्टूबर से इस पर काम शुरू किया था। इसे 6 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राम मंदिर के साथ दिखेगा राम दरबार
दीपोत्सव के लिए बालू से बन रही इस कलाकृति में भव्य राम मंदिर के साथ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की आकृतियां उकेरी जाएंगी। कलाकारों की कोशिश है कि बालू के जरिए रामकथा के प्रसंगों और राम दरबार की दिव्यता को जीवंत रूप दिया जाए। कलाकृति का विशाल आकार और उसमें की जाने वाली बारीक नक्काशी इसे खास बनाएगी। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह खास आकर्षण रहने वाली है।
35 हजार से अधिक कलाकृतियां बना चुके हैं मधुरेंद्र कुमार
सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार अब तक 35 हजार से ज्यादा कलाकृतियां बना चुके हैं। उनकी कला केवल रेत तक सीमित नहीं है। वह राख, पत्तियों, पत्थर, धातु और फल-सब्जियों जैसी अलग-अलग सामग्रियों से भी रचनाएं तैयार कर चुके हैं। अयोध्या में बनाई जा रही राम दरबार की यह कलाकृति भी उनके हुनर और रचनात्मकता का बड़ा उदाहरण होगी। इसके माध्यम से विश्व शांति, प्रेम और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने की योजना है।
7 नवंबर को होगा दीपोत्सव का मुख्य आयोजन
अयोध्या में इस बार दसवां दीपोत्सव मनाया जा रहा है। पांच दिवसीय उत्सव का मुख्य कार्यक्रम 7 नवंबर को आयोजित होगा। राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा रामायण पर आधारित झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और 2,100 ड्रोन का विशेष शो भी आयोजन का हिस्सा होंगे। दीपोत्सव के दौरान लाखों दीयों की रोशनी के बीच रामकथा पार्क के पास तैयार हो रहा रेत का भव्य राम दरबार श्रद्धा, कला और भारतीय संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश करेगा।