Ayodhya Deepotsav 2026 News : दिवाली की पूर्व संध्या पर प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में 10वां भव्य दीपोत्सव का आयोजन बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और अलौकिक अवसर पर सरयू नदी के तट पर स्थित 56 प्रमुख घाटों को 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपकों (दीयों) से रोशन करके एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। दीपोत्सव की अद्भुत भव्यता को देखने के लिए मुंबई, गुजरात और बिहार समेत देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। अयोध्या की राम की पैड़ी और सरयू तट रंग-बिरंगी लाइटों और लेजर शो से जगमगा उठे हैं। इससे पहले शहर में 3 घंटे तक भव्य और विहंगम शोभा यात्रा निकाली गई। उसमें 21 आकर्षक झांकियां थीं। झांकियों के जरिए रामायण के सातों कांडों के प्रसंगों को बेहद जीवंत रूप में दर्शाया गया।

उपराष्ट्रपति बोले-योगी असंभव को संभव बनाते हैं, अब सुरक्षित है UP

दीपोत्सव समारोह में पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें सीएम योगी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है कि उत्तर प्रदेश देश के सभी राज्यों का मार्गदर्शन और नेतृत्व करेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा, योगी जी असंभव को भी संभव बना देते हैं। इसके लिए मैं उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। उन्होंने सभी देशवासियों को दीपावली की बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर भारत को महान वैश्विक महाशक्ति बनाएंगे। उन्होंने जय श्रीराम और जय हिंद के नारों के साथ संबोधन समाप्त किया।

'हिंदू धर्म में हर व्यक्ति को समान दर्जा'

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उत्तर प्रदेश की सुधरी कानून-व्यवस्था पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में हर व्यक्ति को समान दर्जा दिया गया है। महर्षि वाल्मीकि भी सामान्य पृष्ठभूमि से थे, लेकिन उन्होंने अमर महाकाव्य रामायण की रचना की। कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जब वे उत्तर प्रदेश आते थे तो खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, लेकिन आज राज्य पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने काशी की एक हालिया घटना साझा करते हुए बताया कि उन्होंने वहां एक व्यक्ति से पूछा था कि क्या अब भी कोई परेशानी है? इस पर उस व्यक्ति ने कहा, अब कोई समस्या नहीं है। पहले मैं छोटे-मोटे अपराध करता था, लेकिन योगी सरकार आने के बाद अब मैं सम्मान के साथ अपना खुद का व्यापार कर रहा हूं।

सीएम योगी का संबोधन: 500 वर्षों का संघर्ष और शहीदों का बलिदान

राम की पैड़ी पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे और दीपोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामजन्मभूमि आंदोलन के कठिन दौर को याद करते हुए कहा... 

लंबा और कठिन संघर्ष : रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान पूज्य संतों और रामभक्तों ने सालों तक लंबा संघर्ष किया। स्वर्गीय अशोक सिंघल के कुशल मार्गदर्शन में यह आंदोलन आगे बढ़ा और इसमें अनगिनत कारसेवकों ने अपना बलिदान दिया।

दमन का वो दौर : सीएम ने कहा कि एक दौर ऐसा भी आया था, जब इसी अयोध्या की पावन धरती पर रामभक्तों पर लाठियां चलाई गईं। गोलियां बरसाई गईं। यहां तक कि भगवान श्रीराम का नाम लेने पर भी पाबंदी लगाने की कोशिशें की गईं।

पुनर्स्थापना का युग : प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में अयोध्या आज अपनी खोई हुई प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान वापस प्राप्त कर रही है। 500 वर्षों के लंबे और कठिन इंतजार के बाद प्रभु रामलला अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं।

संस्कार और आत्मसम्मान के प्रतीक : सीएम ने बताया कि श्रीराम भारत के महान संस्कार, राष्ट्र की आत्मा और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। इस कारण हमारे प्राचीन शास्त्रों में सात पवित्र पुरियों में अयोध्या को पहला स्थान दिया गया है। अयोध्या के कण-कण और रोम-रोम में श्रीराम बसे हैं। 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और चुनौतियों के दौरान कई बार यह शंका जताई जाती थी कि क्या रामलला कभी अपने मूल जन्मस्थान पर फिर से विराजमान हो सकेंगे। लेकिन रामभक्तों, संतों, निहंगों और पूरे समाज ने डटकर हर चुनौती का सामना किया और आज अयोध्या अपनी दिव्य पहचान के साथ विश्व पटल पर स्थापित हो चुकी है।