दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों के अंतिम नतीजे आ गए हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को चार में से तीन सीटों पर विजयश्री हासिल हुई है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन चुने गए। एबीवीपी के यश डबास अध्यक्ष, सह-सचिव राज सिंह और सचिव पद पर रिया छाबड़ी चुनी गई।

आज सुबह 8 बजे से जारी मतगणना में एबीवीपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही थी। 22 राउंड तक पल पल रुझान बदलते रहे। जिससे छात्रों के बीच खासी गहमागहमी रही। खुद वाइस चांसलर काउंटिंग सेंटर पर पहुंचे। करीब 13 राउंड तक एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विजय शंकर मीणा बढ़त बनाए हुए थे. लेकिन 15वं राउंड से एनएसयूआई के यश डबास आगे निकले और मामूली बढ़त से जीत हासिल की। वहीं सह सचिव पद पर मुकाबला काफी रोचक रहा. कभी एनएसयूआई के तो कभी एससीएस विशेष यादव आगे. लेकिन बाद के राउंड में एबीवीपी के राज सिंह आगे निकल गए। वहीं सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी पहले राउंड से ही आगे चल रही थीं।

कांग्रेस के मुंह पर तमाचा

सबसे दिलचस्प मुकाबला तो उपाध्यक्ष पद के लिए नज़र आया। जहां आजाद उम्मीदवार की तरह चुनाव लड़ कर दीपांशु शौकीन ने इतिहास रच दिया। वे पहले ही राउंड से आगे चल रहे थे। दीपांशु शौकीन की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि खबरों के मुताबिक एनएसयूआई ने उनको टिकट न दे कर कथित रूप से कांग्रेस के किसी नेता के सुपुत्र वीर चतरथ को दिया गया था। लेकिन दीपांशु शौकीन ने चुनाव जीत कर कांग्रेस के मुंह पर तमाचा जड़ दिया। इस बार चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

52 केंद्रों की EVM से तय हुए नतीजे

DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान कराया गया था। मतदान समाप्त होने के बाद सभी 52 मतदान केंद्रों की EVM को निर्धारित मतगणना केंद्र तक पहुंचाया गया। शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव परिणामों के बाद जीत के जुलूस, ढोल-नगाड़े और अन्य तरह के सार्वजनिक जश्न पर रोक के निर्देश भी दिए हैं।

2,000 से ज्यादा जवान तैनात

DUSU चुनाव के लिए 1,000 EVM की व्यवस्था की गई थी। इनमें 960 मशीनों पर मतदान हुआ, जबकि 40 EVM को रिजर्व रखा गया था। शुक्रवार, 18 सितंबर को मतदान समाप्त होने के बाद सभी इस्तेमाल की गई मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना केंद्र तक पहुंचाया गया। मतगणना के समय दिल्ली यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। कैंपस और काउंटिंग सेंटर के आसपास 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री जवान तैनात थे। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए काउंटिंग सेंटर के आसपास आवाजाही सीमित रखी गई। प्रशासन की कोशिश थी कि मतगणना के दौरान किसी भी तरह की स्थिति से तुरंत और प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

ABVP ने पिछले साल जीते थे 3 पद

पिछले साल हुए DUSU चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष का पद NSUI के खाते में गया था। इस बार भी मुकाबला दिलचस्प रहा। चुनाव मैदान में ABVP के साथ कांग्रेस समर्थित NSUI और AISA-SFI के लेफ्ट गठबंधन के उम्मीदवार भी मैदान में थे।