Donald Trump News : अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पूर्ण बहुमत हासिल करते विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ तीसरी बार महाभियोग चलाने की अपनी व्यापक तैयारी तेज कर दी है। डेमोक्रेट्स का सीधा आरोप है कि ट्रंप ने अपने सर्वोच्च पद का दुरुपयोग करके अपने परिजनों और करीबियों को बेहिसाब निजी और वित्तीय लाभ पहुंचाया है। इस कथित भ्रष्टाचार से आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और इसी आधार पर अब उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाने की कानूनी और संवैधानिक रणनीति बनाई जा रही है।
ट्रंप और उनके परिवार के कारोबारी सौदे डेमोक्रेट्स के रडार पर
डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनकी पार्टी इस बात की गहराई से जांच करेगी कि व्हाइट हाउस में रहते हुए ट्रंप और उनके परिवार की संपत्ति किस तरह तेजी से बढ़ी है। गार्सिया ने इस जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से 5 बड़े मुद्दे तय किए हैं-
पारिवारिक कारोबारी सौदे : ट्रंप के बेटों और उनके दामाद जेरेड कुशनर के व्यावसायिक सौदों की व्यापक पड़ताल।
एपस्टीन मामला : कुख्यात जेफ्री एपस्टीन मामले की जांच में ट्रंप प्रशासन की संदिग्ध भूमिका।
इमिग्रेशन कार्रवाई : अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) द्वारा छापे और कार्रवाइयों की समीक्षा।
व्यावसायिक व सरकारी खर्चे : ट्रंप परिवार के क्रिप्टोकरेंसी सौदे, सरकारी धन का निजी इस्तेमाल और व्हाइट हाउस में बन रहे नए बॉलरूम का बजट।
सरकारी एजेंसियां : सरकारी खर्च में कटौती के उद्देश्य से गठित की गई एजेंसी DOGE और सरकारी पैसों के प्रबंधन की जांच।
मिडटर्म चुनाव के नतीजे: कहां-किसे मिलीं कितनी सीटें?
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (कुल सीटें: 435) : चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को 242 सीटों पर जीत के साथ स्पष्ट बहुमत मिल चुका है, जबकि सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी केवल 151 सीटों पर सिमट गई है। शेष 42 सीटों पर फिलहाल मतगणना जारी है।
सीनेट (कुल 100 सीटें, 35 पर हुआ चुनाव) : सीनेट की 35 सीटों में से घोषित 33 नतीजों में डेमोक्रेट्स ने 20 और रिपब्लिकन ने 13 सीटें जीती हैं (2 सीटों पर गिनती जारी है)। इन नतीजों के बाद अब सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हो गई हैं।
गवर्नर चुनाव (कुल सीटें: 36) : घोषित 34 राज्यों के नतीजों में से 22 राज्यों में डेमोक्रेट्स और 12 राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। बाकी 2 राज्यों में वोटों की गिनती चल रही।
रूस की नजर और यूक्रेन युद्ध पर असर
रूस के प्रमुख समाचार पत्र कोमर्सेंट ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि जब तक अमेरिकी संसद पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बचा है, तब तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो महीनों के भीतर यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के प्रयास तेज कर सकते हैं। अखबार ने रूसी सरकार को सलाह दी है कि वह इस सीमित समयावधि का पूरा राजनीतिक और रणनीतिक लाभ उठाए। वैसे, रूसी सरकार का आधिकारिक रुख यह है कि वह यूक्रेन को लेकर अपनी नीतियां अमेरिका की आंतरिक राजनीति के हिसाब से तय नहीं करती। कोमर्सेंट का यह भी मानना है कि आगामी जनवरी में जब संसद का कमान आधिकारिक रूप से डेमोक्रेट्स के हाथों में चला जाएगा, तब वे ट्रंप पर रूस के साथ चल रही हर वार्ता को रोकने, यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता तुरंत बहाल करने और रूस व उसके सहयोगी व्यापारिक साझेदारों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का भारी दबाव बनाएंगे।
ट्रंप के खिलाफ पहले भी लगे हैं 2 बार महाभियोग
अमेरिकी इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिन पर उनके पहले कार्यकाल (2017-2021) के दौरान दो बार महाभियोग की कार्रवाई चलाई गई थी। दोनों बार रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। पहली बार (2019) में यूक्रेन को दी जाने वाली करीब 40 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता रोकने का आरोप था। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर दबाव बनाया था कि वे जो बाइडेन और उनके बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करें। दूसरी बार 6 जनवरी 2021 को ट्रंप समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद भवन (कैपिटल हिल) पर किए गए हिंसक हमले के बाद। उन पर अपने भड़काऊ भाषणों और बयानों से भीड़ को उकसाने का संगीन आरोप लगा था।
कैसे काम करती है अमेरिकी महाभियोग प्रक्रिया?
अमेरिका में किसी भी राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के लिए एक तय संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के कुल 435 सदस्यों में से सभी मतदान करें तो महाभियोग प्रस्ताव पास कराने के लिए न्यूनतम 218 वोटों की जरूरत होती है। वर्तमान में डेमोक्रेट्स के पास 242 सीटें हैं, जिससे वे आसानी से इस प्रस्ताव को हाउस से पास करवा सकते हैं। निचले सदन में प्रस्ताव पास होने के बाद मामला उच्च सदन (सीनेट) में जाता है। सीनेट में राष्ट्रपति को दोषी ठहराने तथा उन्हें पद से बर्खास्त करने को उपस्थित सांसदों के दो-तिहाई (67%) बहुमत की जरूरत होती है। पूर्व में सीनेट में पर्याप्त सीटें नहीं होने के चलते ट्रंप के खिलाफ महाभियोग सफल नहीं हो सका था।