Delhi Building Collapse News : राजधानी दिल्ली के पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक और व्यस्त चावड़ी बाजार इलाके से बड़ा दर्दनाक हादसा सामने आया है। आज सुबह यानी 05 नवंबर 2026 को सुबह 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के ठीक सामने गली सितारा में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की गहरी आशंका है।

राहत और बचाव कार्यों में आ रही भारी मुश्किलें

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत कार्रवाई करते हुए वॉटर टेंडर और रेस्क्यू वाहनों समेत शुरुआती दौर में 5 से 6 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर डटे हैं। मलबे को हटाने एवं फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की सीधे तौर पर निगरानी कर रहे हैं।

गलियां तंग होने से राहत-बचाव में भी दिक्कत

वैसे, घटनास्थल पर रेस्क्यू टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। यह इमारत सड़क के काफी अंदरूनी हिस्से में गिरी है। यहां की गलियां बेहद तंग हैं, जिससे बड़े रेस्क्यू वाहन या भारी मशीनें अंदर तक नहीं पहुंच पा रहीं। इसके अलावा दिवाली के इस सीजन में इलाके में भारी भीड़ और ग्राहकों का आना-जाना होने के कारण ट्रैफिक और आवाजाही पहले से ही काफी मुश्किल है। एंबुलेंस के जरिए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी है।

दिल्ली में लगातार हादसों का दौर और पिछले वर्षों का गंभीर रिकॉर्ड

चावड़ी बाजार की यह घटना अकेली दुर्घटना नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी में कुछ साल और महीनों में अवैध निर्माण, कमजोर बुनियादी ढांचे और घनी बस्तियों में लापरवाही के चलते इमारतों के ढहने की कई बड़ी और दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सत्या निकेतन पीजी हॉस्टल हादसा (सितंबर 2026) : सितंबर 2026 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के दक्षिण परिसर के पास सत्या निकेतन में 40-50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत (जो लड़कों का हॉस्टल थी) ढह गई थी। बेसमेंट में अनधिकृत निर्माण और मरम्मत कार्यों के कारण हुए हादसे में 7 छात्रों/ लोगों की जान चली गई थी। 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे थे।

न्यू सीमापुरी इमारत ढहना (अक्टूबर 2026) : इस साल अक्टूबर में न्यू सीमापुरी के इगाह मछली मंडी के पास एक चार मंजिला रिहायशी इमारत गिर गई थी। मलबे में दबने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। कई घायल हो गए थे। जांच में सामने आया था कि बगल की इमारत में डिमोलिशन का काम चल रहा था, जिसके झटकों ने इसे गिरा दिया।

ओल्ड राजेंद्र नगर बेसमेंट त्रासदी (जुलाई 2024) : वैसे, यह प्रत्यक्ष रूप से पूरी इमारत ढहने की घटना नहीं थी, लेकिन जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में भारी बारिश के बाद अचानक पानी भर जाने से UPSC की तैयारी कर रहे 3 विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। 

इमारतों का सर्वे-सीलिंग अभियान जारी

नगर निगम (MCD) के आंकड़ों के अनुसार लगातार हो रहे इन हादसों के बाद शहरभर में खतरनाक और अनधिकृत इमारतों तथा पीजी का सर्वे और सीलिंग अभियान चलाया जा रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी और नियमों की अनदेखी आज भी आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है।