Patna Encounter News : बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरपुर गंगा घाट के पास आज सुबह यानी 06 नवंबर 2026 को बेहद सनसनीखेज पुलिस एनकाउंटर हुआ। इसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सुबह साढ़े चार बजे शुरू हुई यह मुठभेड़ 20 मिनट चलती रही। इस दौरान दोनों पक्षों से कुल 40 राउंड गोलियां दागी गईं। मारे गए तीनों बदमाश पेशेवर शूटर थे। वो सुपारी लेकर हत्या करते थे। इनकी पहचान राजेश शर्मा, बबलू कुमार और जेपी यादव के रूप में हुई है। तीनों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ये सभी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के इरादे से शेरपुर इलाके में आए हुए हैं। इसके मद्देनजर क्राइम प्रिवेंशन के तहत पुलिस पहले से ऑपरेशन की तैयारी में जुटी थी और एसटीएफ तथा जिला बल की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही थीं।
घिरता देखकर अपराधियों ने शुरू की थी पहले फायरिंग
जब पुलिस की टीम पुख्ता सूचना पर मौके पर पहुंची तो खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस बल पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए 24 राउंड गोलियां चलाईं। अचानक हुए इस हमले के बाद पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में 18 राउंड गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से 20 मिनट तक चली इस भारी गोलीबारी के बीच पुलिस ने जब अपराधियों को पूरी तरह घेर लिया। फायरिंग थमी तो पुलिस टीम उनके करीब पहुंची। वहां तीनों बदमाश खून से लथपथ जमीन पर पड़े मिले। पुलिस ने उन्हें तुरंत दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मनेर एसएचओ को हाथ में लगी गोली
मुठभेड़ में मनेर थाना के एसएचओ (SHO) रजनीश कुमार के हाथ में गोली लग गई, जिन्हें गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल भेजा गया है। घटनास्थल से पुलिस ने एक देशी पिस्टल और दो देशी कट्टा बरामद किए हैं। इसके अलावा, एफएसएल (FSL) के सीनियर साइंटिस्ट अनिल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच के साथ-साथ जब्त किए गए हथियारों की पूरी डिटेलिंग भी दर्ज की।
अपराधियों के परिजनों से पुलिस से की हाथापाई
घटना बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल का माहौल बेहद तनावपूर्ण और भयावह हो गया। मारे गए अपराधियों के परिजन भारी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और वहां उग्र प्रदर्शन व हंगामा करने लगे। परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और वे पुलिसकर्मियों के साथ बहस, धक्का-मुक्की और हाथापाई करने पर उतर आए। वे लगातार जिद कर रहे थे कि उन्हें शवों को अपनी आंखों से देखना है। परिजनों और उग्र लोगों का सीधा आरोप था कि यह कोई आम मुठभेड़ नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया फर्जी एनकाउंटर है। उनका कहना था कि पुलिस जिन मामलों में इन युवकों को आरोपी बता रही, वे उन मामलों में दूर-दूर तक शामिल नहीं थे। परिजनों ने मांग की कि इस तथाकथित एनकाउंटर को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
4 थानों की पुलिस अस्पताल में तैनात
हालात इतने बेकाबू हो गए कि स्थिति को संभालने के लिए चार अलग-अलग थानों की पुलिस और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को अस्पताल परिसर में तैनात करना पड़ा। इसी हंगामे के बीच भीड़ में मौजूद कुछ उग्र लोगों ने एक स्थानीय युवक को पुलिस का खबरी या पुलिस का लाइनर समझ लिया और उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। भीड़ के इस क्रूर हमले में उस युवक का सिर तक फट गया। स्थिति इतनी खतरनाक हो गई कि उस बेकसूर युवक की जान बचाने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने किसी तरह बीच-बचराव किया और उस युवक को खींचकर अस्पताल की बिल्डिंग के अंदर सुरक्षित पहुंचाया। इस पूरी आपाधापी और भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एएसपी (ASP) अजीत कुमार को भी चोटें आ गईं। फिलहाल इस सनसनीखेज घटना के बाद शेरपुर गंगा घाट और दानापुर अस्पताल से लेकर आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे। मारे गए तीनों अपराधियों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।