Tiger Shroff Attack : मशहूर एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हाल में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को पैसों के साथ विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था। इस पूरी साजिश के तार जेल में बंद कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं।
50 हजार का एडवांस और विदेश भेजने का झांसा
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस जानलेवा हमले को अंजाम देने के लिए पकड़े गए तीनों आरोपियों-ऋतिक उर्फ रोशन (22 वर्ष), रेहान (18 वर्ष) और फूल सिंह (18 वर्ष) को एडवांस में 50 हजार रुपए दिए गए थे। इन शूटरों से वादा किया गया था कि जब वे इस काम को सफलतापूर्वक पूरा कर देंगे, तब उन्हें बहुत बड़ी रकम दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पैसे के लेन-देन को किसी की नजरों में आने से बचाने के लिए छोटी-छोटी किश्तों में भुगतान किया जा रहा था। इनमें से एक आरोपी से अज्ञात हैंडलर ने संपर्क किया था और उसे पैसों एवं विदेश में अच्छी जिंदगी बसाने का सपना दिखाकर इस काम के लिए तैयार किया था। मुंबई पुलिस इस मुख्य हैंडलर और उसके बाकी साथियों की तलाश में जुटी है।
नेपाल भागने का था पूरा प्लान
घटना वाले दिन योजना के मुताबिक दो हमलावरों ने सीधे टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जबकि उनका तीसरा साथी कुछ ही दूरी पर बाइक स्टार्ट करके उनका इंतजार कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी एक बाइक पर सवार होकर वहां से भाग निकले। पुलिस को चकमा देने और गुमराह करने के लिए बदमाशों ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास अपनी बाइक लावारिस हालत में छोड़ दी और तुरंत जयपुर जाने वाली ट्रेन में जा बैठे। उनकी योजना भारत छोड़कर नेपाल भागने की थी, जिससे वे वहां से आसानी से किसी अन्य देश में निकल सकें।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी
हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई। इस ऑडियो में खुद को अनिल पंडित बताने वाले शख्स ने दावा किया, मैं अनिल पंडित हूं। मैं लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई जैसा हूं। आज टाइगर श्रॉफ के साथ जो हुआ, उसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं-हरमन संधू और मैं। उसने धमकी दी कि टाइगर श्रॉफ को पहले प्यार से समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे नहीं माने। उसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति उनके गिरोह से जुड़े बिना या सलमान खान के साथ काम करेगा, उसे जान से मार दिया जाएगा। यह उनकी पहली और आखिरी चेतावनी है। वैसे, पुलिस अभी इस वायरल ऑडियो की पुष्टि करने में जुटी है।
कोटा से ऐसे धरे गए आरोपी
वारदात बाद हरकत में आई मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन का कहना है कि फील्ड वर्क और सीसीटीवी कैमरों की मदद से सबसे पहले अंधेरी वेस्ट के पास वह बाइक बरामद की गई जिसे हमलावर छोड़कर भागे थे। तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता चला कि आरोपी उत्तर मुंबई से सूरत की तरफ भागे हैं और पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हैं। जैसे ही ट्रेन की बोगी और आरोपियों की सटीक लोकेशन हाथ लगी, मुंबई पुलिस ने तुरंत राजस्थान की कोटा पुलिस को इसकी भनक दे दी। सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जा रही ट्रेन से तीनों संदिग्धों को दबोच लिया गया।
48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर
गिरफ्तारी के बाद कोटा की एक अदालत ने मुंबई पुलिस को तीनों आरोपियों की 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दे दी है। इसके आधार पर महाराष्ट्र पुलिस की टीम तीनों को लेकर मुंबई पहुंच रही, जहां उनसे इस खतरनाक साजिश, हथियारों की सप्लाई और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ उनके सीधे संपर्कों को लेकर कड़ाई से पूछताछ की जाएगी।