देश के दो अलग-अलग राज्यों में शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। हिमाचल प्रदेश के चंबा और तेलंगाना के नारायणपेट में धरती हिली। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, दोनों जगह भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 और 2.5 मापी गई। राहत की बात यह है कि इन घटनाओं में फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

तेलंगाना के नारायणपेट में सुबह 6:16 बजे आया भूकंप

NCS के अनुसार, तेलंगाना के नारायणपेट में सुबह 6 बजकर 16 मिनट 46 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 2.5 थी और इसका केंद्र जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे था। भूकंप का केंद्र 16.452 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.414 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।

हिमाचल के चंबा में 3.2 तीव्रता के झटके

वहीं, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सुबह 6 बजकर 59 मिनट 46 सेकंड पर भूकंप आया। इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। NCS के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन से करीब 15 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप का स्थान 32.719 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.123 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

कैसे आता है भूकंप?

पृथ्वी की बाहरी सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है। ये प्लेटें लगातार बेहद धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब इनके बीच टकराव, घर्षण या खिंचाव के कारण तनाव जमा होता है और यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। इसी प्राकृतिक घटना को भूकंप कहा जाता है। भूकंप की तीव्रता और उसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उसका केंद्र कितना गहरा है, उसकी तीव्रता कितनी है और आसपास की जमीन तथा इमारतों की स्थिति कैसी है।