अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ‘VIP’ एंगल की जांच के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पूछताछ की। जांच टीम उनसे वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसमें किए गए दावों से जुड़ी जानकारी हासिल कर रही है। इससे पहले CBI पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से भी पूछताछ कर चुकी है।
सहारनपुर स्थित आवास पर पहुंची थी जांच टीम
CBI की टीम रविवार को उर्मिला सनावर से पूछताछ के लिए सहारनपुर पहुंची। इससे पहले टीम उनके आवास पर गई थी, लेकिन उस समय वह वहां मौजूद नहीं थीं। बाद में जांच टीम ने दोबारा पहुंचकर उनसे पूछताछ की। पूछताछ का उद्देश्य अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े नए दावों और वायरल ऑडियो की पड़ताल करना है। इससे एक दिन पहले CBI ने हरिद्वार में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से भी करीब तीन घंटे तक सवाल-जवाब किए थे। जांच एजेंसी ने अब तक पूछताछ के सभी बिंदुओं को सार्वजनिक नहीं किया है।
वायरल ऑडियो से शुरू हुआ विवाद
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई। उर्मिला ने खुद को राठौर की पत्नी बताया है। इस रिकॉर्डिंग में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ‘VIP’ का जिक्र होने का दावा किया गया था। ऑडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। इस प्रकरण से जुड़े आरोपों के संबंध में हरिद्वार और देहरादून में अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए। वायरल रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।
माता-पिता ने की निष्पक्ष जांच की मांग
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने हाल ही में दिल्ली में सीबीआई (CBI) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। परिवार की मांग है कि इस हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी (VIP) की भूमिका और आरोपों की भी गहनता से जांच की जाए। परिवार ने सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग भी रखी है। नार्को टेस्ट कराने या न कराने का फैसला जांच एजेंसी और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के दायरे में आता है। ऐसे परीक्षण के नतीजों की कानूनी उपयोगिता भी सीमित होती है। CBI ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कथित VIP की भूमिका की जांच के लिए मामला दर्ज किया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या हत्याकांड से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण तथ्य अब तक सामने नहीं आया है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और कथित VIP की भूमिका से जुड़े आरोपों के कारण मामला फिर चर्चा में आ गया। अंकिता के परिवार ने इस पहलू की भी जांच की मांग की, जिसके बाद CBI ने नए आरोपों और अज्ञात व्यक्तियों की संभावित भूमिका की पड़ताल शुरू की।
अब ऑडियो और उससे जुड़े दावों की जांच
उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर से पूछताछ के जरिए CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित बातचीत कब और किन परिस्थितियों में हुई थी। जांच में ऑडियो की प्रामाणिकता, उसके स्रोत और उसमें किए गए दावों की पुष्टि अहम होगी। फिलहाल, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसी की पड़ताल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि कथित VIP एंगल का हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं।