उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर चल रही निगरानी के बीच प्रशासन की टीम ने एक कार से 2 लाख 41 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। वाहन में चुनाव प्रचार से संबंधित पर्चे, मतदाता सूची और अन्य सामग्री भी मिली है। पुलिस ने कार में मौजूद चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है कि नकदी और प्रचार सामग्री कहां ले जाई जा रही थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था।

वाहन जांच के दौरान सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम सिधारी थाना क्षेत्र में दौलतपुर पुलिया के पास उड़नदस्ता टीम वाहनों की जांच कर रही थी। उपजिलाधिकारी सदर अविनाश गौतम के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई के दौरान टीम ने एक सफेद कार को रोककर तलाशी ली। जांच में कार के भीतर रखे पांच झोलों से नकदी और चुनाव से जुड़ी सामग्री मिली। प्राप्त विवरण के अनुसार, कतिपय पत्रों एवं अभिलेखों पर गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का उल्लेख अंकित था। इसके तत्पश्चात प्रशासनिक अधिकारियों ने वाहन में सवार व्यक्तियों को अभिरक्षा में लेकर मामले की गहन छानबीन प्रारंभ कर दी।

मतदाताओं तक सामग्री पहुंचाने की बात आई सामने

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि नकदी और प्रचार सामग्री को मतदाताओं तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि बरामद रुपये किसके हैं और चुनाव प्रचार से जुड़े दस्तावेज किस उम्मीदवार या समूह से संबंधित हैं। चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी बांटने की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। उड़नदस्ता टीमें विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच कर रही हैं, ताकि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन रोका जा सके। 

नकदी के साथ मोबाइल फोन भी बरामद

इस मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सुभाष सिंह, शिवगोविंद सिंह, राजेश कुमार पांडेय और शिवमोहन सिंह के रूप में हुई है। इनमें दो लोग मऊ जिले के चिरैयाकोट क्षेत्र के करमी गांव के निवासी बताए गए हैं, जबकि अन्य दो आजमगढ़ के सिधारी क्षेत्र और समेदा गांव से संबंधित हैं। कार से 2.41 लाख रुपये के अलावा चुनाव प्रचार के पंपलेट, हैंडबिल, मतदाता पर्चियां, बैलेट पेपर के प्रतिरूप, शिक्षकों की सूची और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। वाहन को भी जांच के दायरे में लिया गया है। प्रशासन अब बरामद सामग्री की जांच कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।