Mamata Banerjee Latest Statement On SIR : पश्चिम बंगाल की सीएम रह चुकीं ममता बनर्जी ने गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) पर जारी विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने प्रदेश में पुरानी मतदाता सूची के आधार पर दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग भी की। बता दें, आज शाम दिल्ली में इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके फैसले नियमों के मुताबिक लिए जाते हैं।

भाजपा और चुनाव आयोग ने चुनाव को लूट लिया

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव में कहा कि अब साबित हो गया है कि भाजपा और चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लूट लिया। ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर बने रहने तक देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे। ममता ने कहा कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डालना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी उनके जैसे इंसान के लिए नहीं है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने इसे आजादी की एक और लड़ाई बताई। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई समझौता करने वाले CEC और भाजपा के विरुद्ध है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में क्या दावे?

ममता की यह टिप्पणी तब आई है, जब द इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के SIR के दौरान नाम हटाने समेत कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार संधू और जोशी ने बीते 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर कम-से-कम 14 बार औपचारिक आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुछ फैसले उनकी जानकारी बिना लिए गए। वैसे, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज कर कहा कि SIR से संबंधित फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति और मंजूरी से लिए गए थे।

पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर कराया जाए फिर चुनाव

ममता ने कहा कि बंगाल में पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर फिर विधानसभा चुनाव कराना चाहिए। पुरानी मतदाता सूची के साथ पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव हो। उन्होंने बताया कि इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों ने मुद्दे पर जल्द बैठक करेंगे।

वोट की चोरी संविधान पर हमला: राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष की नेता राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची में कथित वोट चोरी नागरिकों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ने इसमें भूमिका निभाई है। इस मामले में न्याय होना चाहिए।

प्रियंका गांधी क्या बोलीं?

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे अन्याय का मुद्दा उठाते रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मुद्दा है। अगर, चुनाव ही नहीं होंगे तो लोकतंत्र कहां रहेगा?

खरगे ने भी बोला हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस और कई विपक्षी दल वर्षों से चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते रहे हैं। जब इन मुद्दों को उठाया गया तो उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। अब चुनाव आयोग के अंदर से आई जानकारी में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 बार आपत्ति दर्ज कराने की बात सामने आई है। खरगे ने फॉर्म-6 में बदलाव, सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल, मतदाता सूची और आयोग के फैसलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के पहले 3 चरणों में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13.8 करोड़ नाम बाहर हुए हैं।

दिल्ली कांग्रेस ने क्या कहा?

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा है कि जब SIR प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब भाजपा के नेता बड़े-बड़े बयान दे रहे थे कि इसकी जरूरत क्यों पड़ी। उनके तर्क होते थे कि देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या को छांटकर वापस भेजने में यह SIR प्रक्रिया अहम योगदान देगी। एक साल में अलग-अलग राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया के बाद हम देखते हैं कि 19 करोड़ मतदाताओं के नाम या तो काटे गए या उनकी वोटर आईडी पर अलग-अलग कारणों से सवालिया निशान लगाया गया है। मेरा सवाल है कि क्या ये 19 करोड़ लोग, जिनके नाम पर आपने आपत्ति दर्ज की है, बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं? अगर, आपने इन्हें चिह्नित किया है तो इनमें से कितने लोगों को बांग्लादेश वापस भेजा गया है? SIR प्रक्रिया से पहले दिल्ली में 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे, लेकिन इस प्रक्रिया के बाद एएसडीडी (ASDD-अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) श्रेणी के तहत 47.6 लाख वोटरों के नाम काट दिए गए। 

अरविंद केजरीवाल ने भी दी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने एसआईआर को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की। उन्होंने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में हाल में हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा कराने की भी मांग की। 

चुनाव आयोग कठपुतली की तरह काम कर रहा: अखिलेश यादव 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आज कहा कि चुनाव आयोग कठपुतली की तरह काम कर रहा। चुनावों में बेईमानी हो रही। चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है। वह लोकतंत्र को खत्म करने के षड्यंत्र में शामिल है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जिस तरह के सवाल उठ रहे, वह लोकतंत्र के लिए घातक है। यह बहुत गंभीर विषय है। अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग पर जैसे सवाल उठ रहे, उससे लगता है कि इनके कार्यकाल में जितने चुनाव हुए है, वे निष्पक्ष नहीं है। सत्ता में बने रहने के लिए संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं। भविष्य के चुनाव भी इनके नेतृत्व में नहीं होने चाहिए।

गलत नीतियों पर जनता सवाल नहीं पूछे, इसलिए लाया SIR: प्रो. मलिक

जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. मलिक मोतसिम खान ने कहा है कि SIR की यह सरगर्,मी जो आज दिल्ली में है, लेकिन पूरे मुल्क में जारी है। यह एक तरह की नाकारा और बेकार हरकत है। इससे किसी का फायदा होने वाला नहीं है, बल्कि यह समय, मेहनत और संसाधनों की बर्बादी है। यह सब किया जा रहा, ताकि जनता को एक गैर-जरूरी काम में उलझाकर रखा जा सके। जनता सरकार की नाकामियों और गलत नीतियों पर सवाल न पूछे, इसलिए सरकार उल्टा आवाम से सवाल करने लगी है कि अपने कागज दिखाओ, तुम्हारा नाम लिस्ट में नहीं आया या नोटिस का जवाब दो। सरकार का काम लोगों की परेशानियों का समाधान ढूंढना होता है, लेकिन वह SIR के नाम पर जनता को व्यस्त रखकर परेशान कर रही है।

बिहार में भी दोबारा चुनाव कराया जाए: तेजस्वी

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार और बंगाल में अवैध चुनाव हुआ है। दोनों राज्यों में फिर से चुनाव कराया जाना चाहिए। राजद नेता ने कहा, चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बनकर काम कर रहा है। 

हार गए हैं तो चुनाव आयोग पर कर रहे हमला: पात्रा

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि हार गए हैं तो चुनाव आयोग पर हमला कर रहे। जब से मोदी जी की सरकार बनी है, तब से विपक्षी पार्टियां लगातार धराशाई हो रहीं। जनता के न चुने जाने पर लोकतांत्रिक तरीके से हारते हुए। इसके बाद इन पार्टियों की कोशिश संवैधानिक संस्थानों पर हमले करने की हुई। इस चलते आज इन्होंने ECI पर हमला किया। 

विपक्ष का आरोप बेबुनियाद: शिवसेना

शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने कहा कि SIR लाने का मूल्य मकसद था कि मतदान के हक से कोई पात्र नागरिक वंचित न रहें। मगर, कुछ स्थानों पर धांधली हुई है, ये हम मानते हैं, लेकिन SIR में जिनके नाम हटाए गए, वो कौन हैं? तो जो डबल मतदाता हैं या जो मर चुके हैं, फिर भी उनके नाम वोटिंग लिस्ट में हैं, ऐसे लोगों का नाम हटाया गया है। मगर, विरोधी पार्टियां जो आरोप लगा रही कि इसमें पात्र उम्मीदवार को हटाया जा रहा है तो उनका आरोप बेबुनियाद है। विरोधी पार्टियां अपना आरोप करती रहेंगी। हां, कुछ जगहों पर गलतियां अगर कुछ हुई रहेंगी तो उसको सुधारा जा सकता है। जैसे कि दिल्ली में अभी कुछ लोगों को नोटिस भेजी जा रही है। महाराष्ट्र में काफी अच्छे ढंग से एसआईआर का काम हो चुका है।

चुनाव आयोग क्या कह रहा?

चुनाव आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट को लेकर प्रेस नोट जारी कर कहा कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य बात है। यह कोई भी अंतिम फैसला लेने से पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। न केवल तीनों कमिश्नर, बल्कि आयोग का हर अधिकारी चुनावी व्यवस्था को बेहतर बनाने को आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह से अधिकृत है।