Bihar Government News : बिहार में तकनीक और शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा। राज्य को तकनीकी रूप से सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज संकल्प सभागार में बिहार AI नीति-2026 की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। तय किया गया कि राज्य सरकार आने वाले पांच साल के भीतर 5 लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की विशेष ट्रेनिंग देगी। इसके तहत हर साल 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 

बिहार को AI के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिहार को AI और आधुनिक तकनीक के नक्शे पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए राज्य में AI कंपनियों, नए स्टार्टअप्स और डिजिटल कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा, ताकि भारी निवेश आकर्षित किया जा सके और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकें। नीति को धरातल पर उतारने और सभी लक्ष्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक विशेष टीम के गठन का भी निर्देश दिया गया है।

AI मॉडल, स्टार्टअप और हर साल बड़े आयोजनों का प्लान

समीक्षा बैठक के दौरान केवल ट्रेनिंग तक ही सीमित न रहकर, बल्कि AI के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक और बड़े AI मॉडल विकसित करने पर भी विशेष बल दिया गया। सरकार की योजना है कि अगले 5 साल तक हर साल बिहार में भव्य और बड़े AI कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। इस महाकुंभ में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञों, बड़ी कंपनियों, उभरते स्टार्टअप्स और उत्साही विद्यार्थियों को एक ही मंच पर लाया जाएगा, जिससे ज्ञान का आदान-प्रदान और तकनीकी संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

फर्जी खबरों पर नकेल और क्विक रिस्पॉन्स टीम सक्रिय

आज के डिजिटल दौर में भ्रामक और फर्जी खबरों की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने बेहद कड़े रुख अपनाए हैं। जनहित से जुड़े किसी मुद्दे पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है, ताकि अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके।

सूचना एवं जन-संपर्क विभाग को सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कामकाज की भी बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि सरकार की तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी बेहद सरल, आम बोलचाल की भाषा में और समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया पर खास नजर रखने को कहते हुए सीएम ने निर्देश दिया कि वहां मिलने वाली जनता की शिकायतों और सुझावों का गंभीरता से विश्लेषण किया जाए। उन शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से लोगों तक साझा की जाए, ताकि जनता का भरोसा और मजबूत हो सके।

पत्रकारों और सांस्कृतिक प्रचार-प्रसार पर फोकस

पत्रकार पेंशन योजना : मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पत्रकार पेंशन योजना से जुड़े नियमों, पात्रता और मिलने वाली सभी सुविधाओं की पूरी जानकारी राज्य के हर कोने तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र पत्रकार इसका पूरा लाभ उठा सकें।

शिकायतों की निगरानी : जिला और पंचायत स्तर पर भी आम नागरिकों की शिकायतों और सुझावों पर पैनी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सांस्कृतिक प्रसार : बिहार की प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और यहां की ऐतिहासिक उपलब्धियों को देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रचारित-प्रसारित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

211 नए डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण पर आज होगी चर्चा

आज शाम मुख्यमंत्री नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण से जुड़े विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के सामने इन नए कॉलेजों के भवनों के लिए तैयार किए गए आकर्षक मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन प्रस्तुत किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करना है कि आने वाले समय में इन 211 डिग्री कॉलेजों के भवन किस भव्य और आधुनिक तरीके से बनाए जाएंगे। इस पूरे निर्माण पर अनुमानित खर्च कितना आएगा। इन प्रस्तावों और तैयारियों की विस्तृत रूपरेखा आज सीएम के सामने रखी जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को एक नई उड़ान मिल सके।