पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदेश की नई छवि का जिक्र करते हुए सख्त लहजे में कहा कि आज के उत्तर प्रदेश में कानून ही सबसे बड़ा है और किसी को भी इससे खिलवाड़ करने की इजाज़त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पुलिस को अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता मिली है और सरकार अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए शहीदों को नमन किया। उन्होंने लिखा कि देश की हिफ़ाज़त, समाज में अमन-चैन कायम रखने और आम लोगों की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले जाबांज़ पुलिसकर्मियों का साहस और यह सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को हमेशा याद रखा जाएगा।

2017 से पहले प्रदेश में था माफिया राज: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में माफिया राज का माहौल था और अराजक तत्वों के हौसले बुलंद थे। सीएम ने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कानून की रक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा था। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। 

2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती का दावा

पुलिस स्मृति दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे को और मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का खुलकर ब्योरा दिया। उन्होंने जानकारी दी कि महकमे को रफ्तार देने के लिए अब तक प्रदेश में 2.26 लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों की नई भर्तियां की जा चुकी हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता में 10 गुना वृद्धि होने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सात बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जा चुका है। इसके साथ ही, बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए हर जिले में साइबर थाना और महिलाओं की सुनवाई के लिए हर थाने में एक समर्पित 'महिला हेल्प डेस्क' शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से पुलिस को अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है। 

गैंगस्टर एक्ट के तहत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई

अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिसाब पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बदमाशों के दिल में कानून का डर बिठाना बेहद जरूरी है। इसी रणनीति के तहत अकेले गैंगस्टर एक्ट के जरिए अब तक 88,973 अपराधियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। योगी आदित्यनाथ ने इन आंकड़ों को अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का प्रमाण बताया। हालांकि, ये आंकड़े मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए सरकारी दावों पर आधारित हैं। 

यूपी को सुरक्षित और भयमुक्त बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों के अनुरूप नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई। इस दिन देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा तथा देश की सुरक्षा में योगदान को याद किया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में भरोसा जताया कि प्रदेश सरकार पुलिसकर्मियों के त्याग और बलिदान को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम करती रहेगी।