आपको लोग अक्सर जूस पीने की सलाह देते होंगे। जूस को लेकर यही माना जाता है कि ये एक हेल्दी ऑप्शन है और जूस पीने से सेहत अच्छी रहती है। हालांकि, लोगों को असलियत नहीं मालूम। कुछ चीजों के जूस फायदेमन्द होते हैं, तो कुछ हानिकारक भी साबित हो सकते हैं। ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत यानी ब्रेकफास्ट में जूस के साथ करते हैं। हम ये नहीं कह रहे कि जूस पीना खराब है, लेकिन आप किस चीज का जूस पी रहे हैं वो काफी मायने रखता है। फलों के जूस से बेहतर आपको सब्जियों का जूस पीना चाहिए।
क्यों नहीं पीने चाहिए फ्रूट जूस?
सोचिए डॉक्टर आपको दिन में एक सेब खाने की सलाह देते हैं। वहीं, जब आप एक गिलास जूस पीते हैं, तो उसमें कम से कम 4-5 सेब लग जाते हैं। फलों में नैचुरली शुगर काफी ज्यादा होता है। अगर आप एक बार में इतना शुगर कंज्यूम कर लेंगे, तो वो आपको फायदा देने की जगह नुकसान पहुंचाएगा। वहीं, आम का जूस भी काफी हानिकारक साबित हो सकता है। आम में भी काफी शुगर पाया जाता है। संतरे के जूस में भी यही समस्या है। एक संतरा खाना अच्छा है, लेकिन 6-7 संतरों का जूस निकालकर पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं हो सकता।
सब्जियों के जूस कैसे हैं बेहतर?
वहीं, सब्जियों के जूस में शुगर की मात्रा बेहद कम पाई जाती है। आप लौकी, करेले, गाजर, चुकंदर, टमाटर, आंवला, खीरे या धनिये का जूस पी सकते हैं। इन सब्जियों के जूस से आपको भरपूर न्यूट्रिएंट्स मिल जाएंगे। इन सब्जियों के जूस पीने से गट हेल्थ अच्छी होती है और बॉडी भी हाइड्रेटेड रहती है। साथ ही ये शुगर कंट्रोल करने और ब्लड बनाने में भी मदद करते हैं। शरीर को ठंडा रखने का साथ-साथ सब्जी के जूस बॉडी से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में भी मदद करते हैं। यानी हर तरह से आपको फायदा ही फायदा मिलेगा।
जूस पीते हुए इस बात का रखें खास ध्यान
इसके अलावा और चीज पर ध्यान देने की जरूरत है। चाहे फ्रूट जूस हो या फिर वेजिटेबल, पैक्ड जूस को हमेशा ही अवॉयड करना चाहिए। शरीर के लिए सबसे फायदेमंद ताजा जूस होता है। कभी भी जूस को निकालकर लम्बे समय तक नहीं रखना चाहिए। अगर आप काफी देर पहले निकाला हुआ जूस पीते हैं तो उससे सेहत भी खराब हो सकती है। वहीं, पैक्ड जूस में काफी प्रेसेपटिवेस होते हैं और उसमें कलर और शुगर भी डाला जाता है। ऐसे में पैकेज वाले जूस पीने का मतलब अपनी हेल्थ से कॉम्प्रोमाइज करना होगा।