दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को एक बार फिर से देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मिलने का समय मांगने का संकेत दिया है। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने से इनकार कर दिया था। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की भी योजना बनाई है। 

CJI ने मुलाकात का अनुरोध क्यों ठुकराया?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेताओं की योजना 12 अक्टूबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच मिलकर एक ज्ञापन सौंपने की थी। हालांकि, रविवार देर रात मुख्य न्यायाधीश ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत से जुड़े मामलों के न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन होने के कारण इस तरह की मुलाकात उचित नहीं मानी गई। इसके बाद कांग्रेस के सामने विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर दोबारा विचार करने की स्थिति बन गई।

दोपहर बाद फिर अनुरोध करने की तैयारी

कांग्रेस सोमवार को दोबारा मुलाकात का अनुरोध कर सकती है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि विपक्षी दल दोपहर दो बजे के बाद मुख्य न्यायाधीश से मिलने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। मुलाकात के नए समय या अनुरोध स्वीकार किए जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विपक्ष की अगली रणनीति मुलाकात का अवसर मिलने या न मिलने पर निर्भर करेगी।

राहुल गांधी ने रद्द किया गोवा का कार्यक्रम

विरोध मार्च की तैयारियों के बीच राहुल गांधी ने गोवा में अपना चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिया। चेन्नई में छात्रों से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह दिल्ली लौट आए, ताकि पार्टी की तैयारियों पर नजर रख सकें। राहुल गांधी ने नागरिकों, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों से मार्च में शामिल होने की अपील की। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को लोकतंत्र से जुड़ी चिंताओं को सामने रखने की पहल बताया है।

SIR और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने ज्ञापन के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोकने, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाने की योजना बनाई है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि विपक्ष मुख्य न्यायाधीश के सामने अपनी चिंताएं रखना चाहता है और उनसे मामले पर ध्यान देने का अनुरोध करेगा। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस ज्ञापन के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं व समर्थकों को हिरासत में लिए जाने के गंभीर मामले को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

राज्यों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने का संदेश

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से दिल्ली में प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील की है। हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान सहित कई राज्यों के पार्टी नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को राजधानी पहुंचने के लिए कहा है। दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा प्रतिबंधों और हिरासत की कार्रवाई को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। ऐसे में सोमवार को विपक्ष की आगे की गतिविधियों और प्रशासन की व्यवस्था पर नजर रहेगी।