अजय देवगन के घर पर बीएमसी ने एक बड़ा एक्शन ले लिया है। कुछ दिन पहले खबर आई थी कि एक्टर को बीएमसी की तरफ से नोटिस मिला है। अब उन्होंने कार्रवाई करते हुए जुहू की कपोले को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित अजय देवगन के बंगले में तोड़फोड़ कर दी है। कहा जा रहा है कि अजय देवगन का जुहू वाले बंगले में कथित तौर पर बिना परमिशन कंस्ट्रक्शन चल रहा था। कुछ दिनों पहले बीएमसी ने एक्टर को काम रोकने के लिए एक नोटिस भी जारी किया था। लेकिन अंदर ही अंदर चल रहे इस इलीगल कंस्ट्रक्शन पर अब बीएमसी ने बुलडोजर चला दिया है।
अजय देवगन के बंगले पर बीएमसी की कार्रवाई
आपको बता दें, अजय देवगन के बंगले में बिना अनुमति बदलाव और निर्माण कार्य किए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मंजूरी लिए बिना ही इस बंगले में सिपोरेक्स ब्लॉक का इस्तेमाल कर दीवारों, खिड़कियों और बाकी हिस्सों में बदलाव किया जा रहा था। मुंबई महानगरपालिका अधिनियम (Mumbai Municipal Corporation Act) के तहत बीएमसी के बिल्डिंग प्रपोजल विभाग ने इसे लेकर 10 सितंबर को काम पर रोक लगाने का नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के बढ़ एक्टर और उनके परिवार की तरफ से 4 हफ्ते के समय की मांग की गई थी।
BMC ने क्यों लिया अजय के बंगले पर एक्शन?
हालांकि, तय समय पर एक्टर की तरफ से कोई भी डाक्यूमेंट्स या जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं बंगले में काम भी चुपचाप जारी रखा गया। ऐसे में बीएमसी की टीम मौके पर पहुंची और बिना अनुमति चल रहे इस काम पर तोड़फोड़ कर कार्रवाई पूरी की। आपको बता दें, इस बंगले को एक्टर ने 5 साल की लीज पर दिया था। 10 करोड़ 61 लाख रुपये ने इसकी डील की गई थी। बंगले में सैलून और स्पा खोलने की तैयारी थी, लेकिन सोसाइटी के लोग इसके खिलाफ थे।
क्या है असली विवाद?
सोसाइटी के लोगों का कहना था कि आवासीय इलाके में सैलून खुलने से कई मुश्किलें बढ़ सकती हैं जैसे- ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सोसाइटी ने कहा कि उन्होंने अजय देवगन को बंगला लीव-एंड-लाइसेंस पर देने के लिए एनओसी दी थी, न कि इसका बिज़नेस करने या निर्माण संबंधी बदलाव करने के लिए। इसके बाद सोसाइटी ने उन्हें को कानूनी मंजूरी दिखाने के लिए 15 दिन दिए। जब कोई लीगल डाक्यूमेंट्स नहीं मिले, तो सोसाइटी ने 8 सितंबर को इस मामले में बीएमसी से शिकायत कर दी और कार्रवाई की मांग की थी।