जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह कुछ ही घंटों में मुकर गए। उन्होंने एक न्यूज़ एजेंसी को दिए साक्षात्कार में हैरान करने वाला दावा किया था कि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ रहते 9 हत्याएं कराई थी। अनंत सिंह ने यह भी कहा था कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री का उन्होंने तब साथ दिया, जब वह कुछ भी नहीं थे। लेकिन अब अनंत सिंह नई बात कह रहे हैंं। उनका कहना है कि लालू यादव की सरकार के दौरान उनके 9 साथियों की हत्या हुई थी। साथ ही उनको भी गोली मारी गई थी। अनंत सिंह अपने बयान से मुकर गए, जो उन्होंने एमएलसी नीरज कुमार को दोबारा जेडीयू से टिकट दिए जाने को लेकर गहरी नाराज़गी की वजह से दिया था। लेकिन समझा जा रहा है कि अनंत सिंह सियासी नफा-नुकसान के मद्देनज़र बयान से पलट गए हैं।

अनंत सिंह को गुस्सा क्यों आता है

अनंत सिंह मोकामा से जेडीयू के विधायक हैं। उनके और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच 11 साल पुरानी रंजिश बताई जा रही है। वहीं नीरज कुमार ने भी मौकेबेमौके बयानबाज़ी कर इस अदावत को हवा दी है। अनंत सिंह ने इशारे ही इशारे में नीतीश कुमार पर हमला बोल दिया है।

अब भी नीतीश कुमार का वफादार

अनंत सिंह अब भी खुद को नीतीश का कट्टर समर्थक बता रहे हैं। लेकिन यह भी दोहरा रहे हैं कि वह नीतीश कुमार को चुनौती नहीं दे रहे हैं। वे बताते हैं कि वह तब से साथ दे रहे हैं, जब नीतीश कुमार कुछ भी नहीं थे और यहां-वहां घूमा करते थे।

9 लोगों के मर्डर कराए

अनंत सिंह कहते हैं कि उन्होंने पार्टी के लिए तमाम कुर्बानियां दी हैं। वे पूछते हैं कि जितनी मैनें कुर्बानियां दी हैं, किसी और ने दी हैं ? वे इसी लय में यहां तक कह जाते हैं कि नीतीश कुमार का साथ देते हुए उन्होंने 9 मर्डर कराए हैं। हालांकि बाद में इस बयान के उलट अनंत सिंह कहते हैं कि लालू सरकार के दौरान उन्होने अपने 9 आदमी गंवाए थे।

नीरज कुमार से अदावत क्यों

बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पुटुस यादव हत्याकांड के बाद नीतीश कुमार ने जेडीयू से निकाल दिया था। वहीं, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह की जगह मोकामा से नीरज कुमार को टिकट दे दिया था। हालांकि अनंत सिंह जेल में रहते हुए भी चुनाव जीत गए थे और नीरज कुमार को 18 हज़ार 348 वोटों से हरा दिया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें आपराधिक गिरोह का सरगना बताते हुए नीरज कुमार ने जम कर हमला बोला था। अनंत सिंह को वह शब्दों के तीर अब भी चुभ रहे हैं।

2019 में रंजिश परवान चढ़ी

अनंत सिंह के पैतृक गांव लदमा के घर पर छापे में पुलिस ने AK-47 रायफल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद किए थे। जिसके कारण अनंत सिंह को 10 साल की सज़ा हुई औऱ विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी। 2024 में पटना हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। लेकिन परिजनों का कहना है कि यह असलहे नीरज कुमार ने उनके घर रखवा कर अनंत सिंह को साज़िशन फंसाया गया था।

2025 में फिर भड़की रार

अनंत सिंह की जेडीयू में वापसी की चर्चा ज़ोर पकड़ने पर नीरज कुमार के बयान ने आग में घी का कम किया। उन्होंने कहा कि वे किसी आपराधिक छवि वाले व्यक्ति के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। इसके जवाब में अनंत सिह ने कहा था- दे दे राम, दिला दे राम, देने वाला सीताराम। दरअसल नीरज कुमार खुद को बेदाग और साफ छवि वाले नेता और अनंत सिंह को आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बता कर राजनीति करते हैं। यह अनंत सिंह की बाहुबली वाली छवि के खिलाफ जाती है।

अपराधियों को संरक्षण

अनंत सिंह औऱ उनके समर्थकों का आरोप है कि नीरज कुमार मोकामा क्षेत्र में सक्रिय सोनू-मोनू गैंग को संरक्षण देते है, जो उनके विरोधी हैं। ऐसे में यह राजनीतिक लड़ाई से बढ़ कर अपराध जगत से भी जुड़ रही है।

नीरज कुमार का विरोध

अनंत सिंह ने सितंबर, 2026 में एमलसी का टिकट दोबारा नीरज कुमार को दिए जाने पर पार्टी लाइन से हट कर जनसुराज पार्टी के डॉ. अनुज सिंह को अपना समर्थन दे दिया है। यही नहीं, डॉ. अनुज सिंह के नामाकंन जुलूस में शामिल हो कर अनंत सिंह ने 50 हज़ार रसगुल्ले भी बंटवाए।

पुदीना बनाम गैस

अक्टूबर में एमएलसी चुनाव प्रचार के दौरान कड़वाहट औऱ बढ़ गई। नीरज कुमार ने अनंत सिंह को पुदीना सिंह कह दिया। जवाब में अनंत सिंह ने कहा कि वे नीरज कुमार की सारी गैस निकाल देंगे। एक दूसरे पर निजी हमले इस कदर बढ़ गए कि नीरज कुमार ने कहा कि वे डरने वाले नहीं, अड़ने वाले हैं। उन्होंने अनंत सिंह को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने एनडीए के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की तो कानून का हाथ उसके जबड़े तक जाएगा।

बीच-बचाव की नाकाम कोशिशें

मामले की गंभीरता को दखते हुए जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा औऱ मंत्री श्रवण कुमार ने नीतीश कुमार को दखल देने को कहा। तब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दोनों के बीच सुलह-समझौता कराने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद हुई बैठकें किसी नतीजे पर पहुंच नहीं सकी। खुद ललन सिंह ने माना कि चुनाव के दैरान प्रदेश नेतृत्व से कुछ चूक हुई है। बहरहाल अपने बयानों से नीतीश कुमार और जेडीयू की मुश्किलें बढ़ाने वाले अनंत सिंह का कहना है कि उन्हें अनुशासनात्मक कार्यवाही का डर नहीं हैं। वे आज भी नीतीश कुमार के साथ हैं। लेकिन नीरज कुमार को हर हाल में हराएंगे। वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं।