Bank Strike News September 2026 : देशभर के सरकारी बैंकों में अगले तीन दिनों तक कामकाज प्रभावित रहने की आशंका को देखते हुए सरकार के निर्देश पर आज रविवार के दिन भी बैंक खुले हैं। 28 सितंबर से 30 सितंबर तक 12 प्रमुख सार्वजनिक बैंकों के 7.5 लाख कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंक यूनियन हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम की नीति को तत्काल लागू करने की मांग पर अड़े हैं। दिलचस्प बात है कि इस हड़ताल के शुरू होने से ठीक पहले यानी रविवार को भी सरकारी बैंकों के दरवाजे ग्राहकों के लिए खुले रखे गए ताकि लोग अपने जरूरी वित्तीय काम निपटा सकें। करीब एक दशक बाद ऐसा मौका आया जब रविवार के दिन बैंकों में सामान्य कामकाज हुआ। इससे पहले वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खोले गए थे।
हड़ताल का दायरा और यूनियनों का रुख
वित्तीय सेवा विभाग और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) की ओर से हड़ताल नहीं करने की अपील की गई थी, जिसे कर्मचारी संगठनों ने खारिज कर दिया। इस आंदोलन में देश की 7 बड़ी बैंक यूनियनें-जैसे AIBEA, AIBOC, NCBE, BEFI, INBEF एकजुट हैं। इन यूनियनों का दावा है कि बैंकों के 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हैं। यूनियनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार 5-डे वर्किंग की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर सरकार और वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 5-डे वर्किंग का कोई औपचारिक आश्वासन कभी नहीं दिया गया था। सैलरी रिवीजन वार्ता के दौरान भी इस विषय पर अंतिम सहमति नहीं बनी थी और यह मांग यूनियनों द्वारा एकतरफा उठाई गई है।
ATM से कैश निकालने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
हड़ताल की अवधि के दौरान भारतीय स्टेट बैंक और पीएनबी समेत सभी सरकारी बैंकों के ग्राहकों को ATM से लेन-देन पर राहत दी गई है। इस दौरान मासिक फ्री लिमिट समाप्त होने के बाद भी अतिरिक्त ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं वसूला जाएगा। सामान्य दिनों में तय सीमा से अधिक पैसे निकालने पर 23 रुपए प्लस जीएसटी का शुल्क लगता है, जिससे हड़ताल के दिनों में छूट रहेगी।