Mamata Chaudhary Ajay Rai Dispute : लखनऊ स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में आज उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के पदग्रहण समारोह के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। इस बड़े कार्यक्रम के बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस की महिला पार्षद ममता चौधरी के गुट आपस में भिड़ गए। यह मामूली बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों नेताओं के समर्थकों में थप्पड़बाजी और जूते-चप्पल चलने लगे। इसका वीडियो वायरल है।

'कौन अध्यक्ष?' के सवाल से भड़का विवाद

घटना की शुरुआत उस वक्त हुई, जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब अजय राय बाहर निकल रहे थे तो भारी भीड़ को देखकर उनके समर्थकों ने आवाज लगाई कि अध्यक्ष जी निकलेंगे, रास्ता दीजिए। इस बात पर लखनऊ नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी ने तंज कसते हुए तुरंत सवाल किया कि कौन अध्यक्ष? ममता चौधरी के इस सवाल के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस छिड़ गई। आरोप है कि इसके बाद ममता चौधरी की तरफ से अजय राय को लेकर कुछ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह गरमा गया। अजय राय के समर्थकों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए जमकर हंगामा किया और हाथों में जूते लेकर प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों गुटों के बीच हाथापाई और मारपीट शुरू हो गई, जिसमें जूते-चप्पल भी हवा में लहराए गए।

अजय राय हुए आगबबूला

इस पूरे विवाद और अपमान से बेहद आहत होकर अजय राय बुरी तरह नाराज हो गए और फौरन पार्टी कार्यालय से बाहर निकल आए। उनके जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं में हड़कंप मच गया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना', कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी तुरंत अजय राय के पीछे-पीछे बाहर आए और उन्हें मनाने की कोशिश में जुट गए। वरिष्ठ नेताओं ने अजय राय से बातचीत की और मामले को शांत कराने का पूरा प्रयास किया। इस दौरान अजय राय जिद पर अड़े रहे और कहा कि इस तरह की बदसलूकी करने वाली महिला के खिलाफ पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करते हुए कहा कि ऐसे लोग पार्टी की छवि को धूमिल कर रहे हैं और ऐसे अनुशासनहीन लोग पार्टी के अंदर रहेंगे तो संगठन का माहौल खराब हो जाएगा। उन्होंने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की। कड़ी नाराजगी जताने के बाद जब राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और अन्य शीर्ष नेताओं ने उन्हें उचित कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया, तब जाकर अजय राय दोबारा पार्टी कार्यालय के अंदर लौटे।