अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का खुलकर बचाव किया है। प्रशासन ने 13 सूत्री घोषणापत्र जारी कर साफ संकेत दिया है कि विपक्ष के दबाव में वह अपनी नीतियों से पीछे हटने वाला नहीं है। व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा, ''राष्ट्रपति ट्रंप लड़ना कभी बंद नहीं करेंगे।'' 4 नवंबर 2026 को जारी इस बयान में डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में विपक्ष उनकी सरकार के फैसलों को पलटने की कोशिश करेगा, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिलेगी। घोषणापत्र में उन नीतिगत फैसलों और उपलब्धियों का जिक्र किया गया है, जिन्हें प्रशासन हर हाल में बरकरार रखना चाहता है।
सीमा सुरक्षा से लेकर टैक्स तक, इन मुद्दों पर टकराव के संकेत
व्हाइट हाउस के 13 सूत्री घोषणापत्र में उन क्षेत्रों की सूची दी गई है, जहां ट्रंप प्रशासन और डेमोक्रेट्स के बीच टकराव हो सकता है। इसमें सीमा सुरक्षा, टैक्स, कानून-व्यवस्था, अवैध प्रवासियों के निर्वासन और ऊर्जा नीति जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रशासन का आरोप है कि डेमोक्रेट्स सत्ता में आने के बाद अमेरिका की सीमा पर लगाई गई पाबंदियों को कमजोर करने, टैक्स बढ़ाने और बड़े पैमाने पर निर्वासन की नीति को बदलने की कोशिश करेंगे। व्हाइट हाउस ने यह भी दावा किया कि विपक्ष कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कमजोर करना चाहता है।
ग्रीन न्यू डील और DEI कार्यक्रमों पर भी विवाद
घोषणापत्र में ऊर्जा नीति को लेकर भी डेमोक्रेट्स पर निशाना साधा गया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि विपक्ष ग्रीन न्यू डील को फिर से लागू करने और अमेरिका के ऊर्जा उत्पादन में बढ़त को कमजोर करने की कोशिश करेगा। प्रशासन ने नस्ल, समानता और समावेशन से जुड़े DEI कार्यक्रमों को दोबारा शुरू करने की आशंका जताई है। बयान में नाबालिगों के लिए ट्रांसजेंडर चिकित्सा प्रक्रियाओं, सरकारी सेंसरशिप और सरकारी खर्च में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट और महाभियोग को लेकर भी जताई आशंका
व्हाइट हाउस ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के विस्तार और राष्ट्रपति के खिलाफ एक और महाभियोग प्रक्रिया शुरू किए जाने की आशंका भी जताई है। प्रशासन ने पिछले महाभियोग प्रयासों को असफल बताते हुए कहा कि भविष्य में भी ट्रंप के खिलाफ ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी। घोषणापत्र में इन संभावित कदमों के लिए किसी विशेष विधेयक, प्रस्ताव या डेमोक्रेटिक सांसद का नाम नहीं दिया गया है। यह बयान मुख्य रूप से ट्रंप प्रशासन की राजनीतिक स्थिति और आने वाले दो वर्षों की रणनीति को सामने रखता है।
चुनावी झटके के बाद व्हाइट हाउस का संदेश
2026 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। इससे ट्रंप प्रशासन के फैसलों की संसदीय जांच और उसकी नीतियों को चुनौती मिलने की संभावना बढ़ गई है। व्हाइट हाउस ने अपने बयान में चुनावी नतीजों के बावजूद ट्रंप की नीतियों को जनसमर्थन प्राप्त होने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि सीमा सुरक्षा, ऊर्जा उत्पादन और DEI कार्यक्रमों को समाप्त करने जैसे फैसलों को पलटने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा। इस तरह 13 सूत्री घोषणापत्र के जरिए ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस में बदले राजनीतिक समीकरणों के बावजूद वह अपनी नीतियों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।