NATIONAL
26 से 30 सितंबर तक बैंक खुले रहेंगे या बंद? क्या है संघ का ऐलान और सरकारी आदेश? जानें SBI की स्पेशल छूट भी
लेखक: Ranjan Kumar
प्रकाशित: 25 Sep 2026, 05:05 PM IST
अपडेटेड: 25 Sep 2026, 05:22 PM IST
शेयर करें (Share This Story):
Link copied to clipboard!
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) समेत विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों ने 28 सितंबर से तीन दिवसीय बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इससे पहले शनिवार को बैंक बंद रहेंगे। रविवार को बैंक शाखाएं खुली रहेंगी या बंद रहेंगी, उस पर संशय बना है।
Bank Strike September 2026 News : देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए इस महीने का अंतिम सप्ताह बेहद अहम और उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। एक ओर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) समेत विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों ने 5-डे वर्किंग वीक की मांग को लेकर 28 सितंबर से 30 सितंबर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है तो दूसरी ओर केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेवाओं को ठप होने से बचाने के लिए 27 सितंबर यानी रविवार को बैंक शाखाएं खोलने के निर्देश दिए हैं। इस पूरी स्थिति के बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें एटीएम चार्ज की माफी और शाखाओं को चालू रखने के प्रयास शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य सरकार ने संबंधित विभागों और कोषागारों को आदेश दिया है कि सितंबर का वेतन और पेंशन 26 सितंबर से पहले या 26 सितंबर तक अनिवार्य रूप से खातों में ट्रांसफर कर दिया जाए। आइए! पूरे मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी, सरकारी आदेशों, बैंक यूनियनों के रुख और ग्राहकों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझते हैं....
26 से 30 सितंबर : तिथिवार स्थिति और छुट्टियों का गणित
26 सितंबर (चौथा शनिवार) : नियमानुसार महीने का चौथा शनिवार होने के चलते देशभर में बैंक शाखाएं आधिकारिक तौर पर बंद रहेंगी।
27 सितंबर (रविवार) : यह नियमित साप्ताहिक छुट्टी का दिन है। वैसे, केंद्र सरकार और RBI ने हड़ताल के असर को कम करने के लिए इस दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को खुला रखने का आदेश दिया है। इसके बावजूद यूनियन के विरोध के कारण अनिश्चितता बनी है।
28 सितंबर (सोमवार) : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) की तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का पहला दिन होगा।
29 सितंबर (मंगलवार) : प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल का दूसरा दिन।
30 सितंबर (बुधवार) : बैंक हड़ताल का तीसरा और अंतिम दिन।
🚨 MEETING UPDATE WITH DFS, NEW DELHI 🚨
Federation leaders of NOBW, NOBO, AIGBWO & AIGBOO, along with Shri Girish Chandra Arya Ji (Financial Sector In-charge, BMS), met with Secretary, DFS today.
Key Demands Raised:
❌ Strong objection to declaring 27 Sept 2026 (Sunday) a… pic.twitter.com/C3OM85YmGg
— 𝘽𝙊𝙄 𝙊𝙛𝙛𝙞𝙘𝙚𝙧𝙨' 𝙊𝙧𝙜𝙖𝙣𝙞𝙨𝙖𝙩𝙞𝙤𝙣 (𝘽𝙊𝙄𝙊𝙊-𝙉𝙊𝘽𝙊) (@boioo_boi)
target="_blank">September 24, 2026रविवार को खुलेंगे बैंक?
लगातार 5 दिनों तक सेवाएं ठप होने की स्थिति से निपटने को केंद्र सरकार ने सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 21 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, भारतीय बैंक संघ (IBA) और नाबार्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के साथ बैठक हुई थी। बैठक बाद निर्णय लिया गया कि 28 से 30 सितंबर की हड़ताल से पहले आम जनता को राहत देने के लिए 27 सितंबर यानी रविवार को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। RBI ने भी सरकार के फैसले को हरी झंडी दिखाते हुए 27 सितंबर को बैंक शाखाएं, प्रशासनिक कार्यालय, एटीएम से जुड़ी शाखाएं तथा करेंसी चेस्ट खोलने की मंजूरी दे दी है। सरकार का मुख्य मकसद सुनिश्चित करना है कि महीने के अंतिम दिनों में वेतन, पेंशन व व्यापारी वर्ग के जरूरी लेन-देन नहीं अटकें।
रविवार के कामकाज पर यूनियनों का विरोध
सरकार की तरफ से रविवार को बैंक खोलने के आदेश का बैंक कर्मचारी यूनियनों ने विरोध किया है। नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW), नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO) और ऑल इंडिया गवर्नमेंट बैंक वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन (AIGBWO) समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने वित्त सचिव से मुलाकात कर इस फैसले पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत 27 सितंबर आधिकारिक अवकाश का दिन है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और अन्य प्रमुख यूनियनों ने अपने सदस्यों और बैंक कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे रविवार को काम पर नहीं आएं।
विकल्प की मांग
बैंक यूनियनों ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाया है कि या तो रविवार को बैंक खोलने का आदेश तुरंत वापस लिया जाए या फिर उस दिन काम करने वाले कर्मचारियों को दो दिन का अतिरिक्त वेतन और एक दिन का वैकल्पिक अवकाश दिया जाए। कर्मचारी संगठनों के इस असहयोग के चलते ग्राहकों के बीच यह संशय बना है कि रविवार को शाखाएं पूरी तरह चालू रह पाएंगी या नहीं।
बैंक हड़ताल का मुख्य कारण क्या?
बैंक यूनियनों की हड़ताल का सबसे मुख्य बिंदु बैंकों में सप्ताह में 5 दिन काम लागू करना है। इस पर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच मतभेद और विरोधाभास देखने को मिल रहे। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय के मुताबिक 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच 12वें द्विपक्षीय वेतन संशोधन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। यूनियनों का दावा है कि इस समझौते में हर शनिवार को छुट्टी देने तथा बदले में सोमवार से शुक्रवार तक रोज 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव शामिल था, जिस पर प्रबंधन (IBA) ने सहमति जताई थी।
वित्त मंत्रालय का रुख
वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार ने कभी भी बैंकों के लिए 5-डे वर्किंग वीक का वादा नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक वेतन समझौते के दौरान इस मुद्दे पर औपचारिक सहमति नहीं बनी थी। यह मांग यूनियनों की ओर से एकतरफा उठाई गई थी और इसे सरकार की तरफ से अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है। इस वजह से मामला प्रशासनिक स्तर पर अधर में लटका है और बैंक कर्मचारियों ने 11 सितंबर की एक दिवसीय हड़ताल के बाद अब 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
Banking doesn’t stop. Your needs don’t have to wait.
Even during the proposed strike period, SBI continues to keep essential banking services accessible through ATMs, YONO, Internet Banking, Mobile Banking, WhatsApp Banking and 24×7 Contact Centre services.
For Seamless… pic.twitter.com/P1FTsjtSws
— State Bank of India (@TheOfficialSBI)