दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित तौर पर हमला करने वाले सह-पायलट की पहचान हमाम अलहामामी के रूप में सामने आई है। नई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ओमान में रहते हुए उसे सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उड़ान भरने से रोक दिया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके बावजूद वह फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छर ने हिम्मत दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद मुस्तैद यात्रियों और केबिन क्रू ने मिलकर हमलावर को दबोच लिया। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। घटना की जांच अब संयुक्त अरब अमीरात में जारी है।

विचारों को लेकर ओमान में थीं चिंताएं 

रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अलहामामी पहले ओमान एयर से जुड़ा था। 2024 में प्रशिक्षण के दौरान उसके पास कथित तौर पर आपत्तिजनक या चरमपंथ से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद उसे उड़ान से हटा दिया गया था। ABC News ने वरिष्ठ खुफिया और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के हवाले से बताया कि उसे एक साल तक उड़ान से दूर रखा गया था, हालांकि इसके बाद वह एयरलाइन में प्रशासनिक भूमिका में काम करता रहा। दूसरी रिपोर्टों में भी कहा गया है कि उसके विचारों को लेकर ओमान में पहले से चिंताएं थीं।

फ्लाईदुबई में कैसे मिली नौकरी?

जांच का एक अहम पहलू यही है कि ओमान में सुरक्षा संबंधी चिंता सामने आने के बाद भी अलहामामी को फ्लाईदुबई में काम करने की अनुमति कैसे मिली। रिपोर्टों के अनुसार, उसने फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने पहले नौकरी शुरू की थी। वह इससे पहले ओमान एयर के अलावा रॉयल एयर मारोक से भी जुड़ा रहा था। अब जांचकर्ता उसके पुराने रिकॉर्ड, भर्ती प्रक्रिया और अलग-अलग एयरलाइनों के बीच सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा किए जाने के तरीके की पड़ताल कर रहे हैं।

रिजर्व पायलटों ने संभाला विमान 

घटना के दौरान विमान के अचानक नीचे जाने से यात्रियों में दहशत फैल गई थी। रॉयटर्स के मुताबिक, फ्लाइट 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी और हमले के बाद विमान ने आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबूक में लैंडिंग की। घायल कैप्टन द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाला।

क्या हमले के पीछे आतंकी साजिश थी?

इस सवाल का अभी अंतिम जवाब सामने नहीं आया है। संयुक्त अरब अमीरात ने मामले की जांच शुरू की है ताकि घटना की वजह और हमले के पीछे किसी संभावित आतंकी मकसद या पहले से बनाई गई योजना का पता लगाया जा सके। इजरायली सुरक्षा अधिकारियों के शुरुआती आकलन में हमाम अलहामामी के अकेले कार्रवाई करने की संभावना बताई गई है। वहीं, किसी बाहरी संगठन या दूसरे व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल ईरान से किसी संबंध का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

अब एयरलाइन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

इस घटना ने विमानन क्षेत्र में पायलटों के चयन और सुरक्षा निगरानी पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं। विशेष रूप से यह एक बड़ा शोध का विषय बन गया है कि कैसे किसी पायलट के पूर्व सुरक्षा इतिहास की जानकारी अन्य एयरलाइंस और संबंधित राष्ट्रों की विमानन एजेंसियों तक सुचारू रूप से साझा की जा सके। अलहामामी के पुराने रिकॉर्ड सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि फ्लाईदुबई की भर्ती और सुरक्षा जांच के दौरान उसके बारे में उपलब्ध जानकारी की समीक्षा किस स्तर पर हुई थी। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आने की उम्मीद है।