दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए गंभीर घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की है। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई झड़प में मछार घायल हो गए थे, लेकिन मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनकी हिम्मत और दृढ़ता से बड़ी त्रासदी टल गई। फ्लाइट को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मछार की तारीफ करते हुए कहा कि गंभीर खतरे के बीच और खुद घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस दिखाया। पीएम ने उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। पीएम मोदी के मुताबिक, मछार की बहादुरी ने विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने और एक बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की।
फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के बीच हिंसक झड़प की स्थिति बन गई। रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन मछार पर हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई। इसके बाद विमान में मौजूद लोगों ने स्थिति संभालने में मदद की और कॉकपिट तक पहुंच बनाई। यात्रियों और क्रू की मदद से हमलावर को काबू किया गया, जिसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से तबुक की ओर मोड़ा गया। घटना के कारणों और हमले के मकसद की जांच की जा रही है।
तबुक में हुई सुरक्षित लैंडिंग
विमान में करीब 174 लोग सवार थे। घटना के बाद फ्लाइट ने सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में लैंडिंग की। रिपोर्टों के मुताबिक कैप्टन मछार और को-पायलट दोनों को अस्पताल ले जाया गया। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों और क्रू की मदद से विमान को गंभीर दुर्घटना से बचाया गया। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए तेल अवीव पहुंचाया गया।
कैप्टन स्मित मछार कौन हैं?
कैप्टन स्मित मछार भारतीय नागरिक हैं और फ्लाईदुबई में पायलट के तौर पर काम करते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह बोइंग 737 विमानों पर लंबे समय से उड़ान का अनुभव रखते हैं और इससे पहले स्पाइसजेट के साथ भी काम कर चुके हैं। फिलहाल वह सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं।
नेतन्याहू ने भी की तारीफ
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मछार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इस घटना की जांच फिलहाल जारी है और अधिकारियों की ओर से इसके पीछे की वजहों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।