Indian Railways News : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम की बुकिंग से जुड़े एक मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने यात्री के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट पर गलत जानकारी देने और बुजुर्ग यात्री को असुविधा पहुंचाने के कारण रेलवे पर जुर्माना बढ़ाया गया है।12 मई 2024 को 72 वर्षीय भारतेंदु सूद ने चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर 333 रुपये में एक रिटायरिंग रूम बुक किया था। बुकिंग के दौरान वेबसाइट पर दिखाया गया था कि कमरे में वेस्टर्न टॉयलेट उपलब्ध है। हालांकि, जब वे स्टेशन पहुंचे तो कमरे में इंडियन टॉयलेट मिला। उम्र अधिक होने के कारण उनके लिए इस टॉयलेट का इस्तेमाल करना संभव नहीं था। इस वजह से उन्होंने बिना कमरे का इस्तेमाल किए ही चाबी अधिकारियों को सौंप दी।
शुरुआत में नहीं मान रहे थे गलती
अधिकारियों ने शुरुआती बातचीत में गलती मानी थी, लेकिन बाद में पश्चिम रेलवे ने यह दावा करते हुए पैसे लौटाने से इनकार कर दिया कि यात्री ने सेवा का लाभ लिया है। रेलवे के इस रवैये से आहत होकर भारतेंदु सूद ने चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया।
जिला आयोग से राज्य आयोग तक की कार्रवाई
मामले की सुनवाई करते हुए जिला आयोग ने रेलवे को 333 रुपए की रकम 9% ब्याज के साथ लौटाने और 3000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया था। वैसे, भारतेंदु सूद इस फैसले से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। राज्य आयोग ने 22 सितंबर को अपने फैसले में जिला आयोग की तरफ से तय की गई मुआवजा राशि को बहुत कम और केवल सांकेतिक बताया। आयोग ने कहा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति को दी गई मानसिक पीड़ा और गलत जानकारी के एवज में यह राहत काफी नहीं है। राज्य आयोग ने रेलवे को आदेश दिया कि वह पीड़ित यात्री को मुआवजे और कानूनी खर्च के तौर पर 20 हजार रुपए का भुगतान करे।