Aadhar Card News : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम सुधारने और बदलाव की प्रक्रिया को और अधिक स्पष्ट तथा पारदर्शी बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस नई गाइडलाइन के तहत अब नाम में होने वाली छोटी-मोटी स्पेलिंग की गलतियों से लेकर विवाह के बाद सरनेम बदलने या नाम में बड़ा बदलाव करने तक, हर परिस्थिति के लिए अलग नियम, प्रपत्र (फॉर्म) और दस्तावेज तय कर दिए गए हैं।
1. डाटा एंट्री में हुई गलती सुधारने के लिए
आधार बनवाते समय ऑपरेटर की गलती से नाम की स्पेलिंग गलत हो गई है, जबकि आपके पास मौजूद पहचान या संबंध पत्र में सही नाम दर्ज है।
वयस्कों के लिए : अनुबंध-बी वाला शपथपत्र जमा करना होगा।
नाबालिगों के लिए : अनुबंध-सी का एफिडेविट देना होगा।
इसके साथ सही नाम वाला मान्यता प्राप्त पहचान पत्र लगाना अनिवार्य है।
2. शादी या तलाक के बाद सरनेम (उपनाम) में बदलाव
आवेदकों को अनुबंध-डी का शपथ-पत्र लगाना होगा।
इसके साथ संबंधित पहचान या वैवाहिक स्थिति से जुड़ा दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
3. उर्फ शब्द हटाने की व्यवस्था
आधार में दो नाम दर्ज हैं (जैसे: रमेश उर्फ राजू) और उसमें से उर्फ शब्द हटाकर केवल एक नाम रखना है।
वयस्क : अनुबंध-ई एफिडेविट का उपयोग करेंगे।
नाबालिग : अनुबंध-एफ शपथ-पत्र जमा करेंगे।
4. टाइटल, प्रिफिक्स या रैंक हटाना
यदि नाम के आगे गलती से डॉक्टर, कर्नल, श्री, श्रीमती या मिस्टर जैसी उपाधियां जुड़ गई हैं तो इन्हें हटाने के लिए भी नई प्रक्रिया तय की गई है। इसके लिए वैध पहचान पत्र के आधार पर ही सुधार किया जाएगा।
5. नाम में बड़ा बदलाव : गजट नोटिफिकेशन जरूरी
ऐसे मामलों में सरकार का गजट नोटिफिकेशन और पुराने नाम वाला पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पुराना फॉर्म न चलाएं : UIDAI ने कहा है कि आवेदक पुराने एफिडेविट फॉर्म का इस्तेमाल न करें। अपनी श्रेणी के अनुसार ही सही अनुबंध का चयन करें।
आधार केंद्र जाना जरूरी : नाम अपडेट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाना होगा।
बदलाव की सीमा : सामान्य नियमों के तहत आधार में नाम सिर्फ दो बार ही अपडेट कराया जा सकता है। इसके बाद किसी भी अतिरिक्त बदलाव के लिए गजट नोटिफिकेशन और विशेष अपवाद प्रक्रिया से गुजरना होगा।