डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल है। रामेश्वरम के साधारण परिवार में जन्मे कलाम ने बचपन में परिवार की मदद के लिए अखबार बांटे और आगे चलकर भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों में शामिल हुए। एसएलवी-3, अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के विकास में अहम योगदान देने वाले कलाम 2002 में देश के 11वें राष्ट्रपति बने। ‘मिसाइल मैन’ और ‘जनता के राष्ट्रपति’ के रूप में पहचाने जाने वाले कलाम ने अपने विचारों, किताबों और युवाओं के मार्गदर्शन से देश को प्रेरित किया। 15 अक्टूबर को उनकी जयंती पर उनके संघर्ष और उपलब्धियों को याद किया जाता है।